गांधी जयंती : भारत के राष्ट्रपिता की नीतियों पर चलती है चीन की ये महिला

दुनिया जानती है भारत को अंग्रेजों के चुंगल छुड़ाने में अहिंसात्मक रूप से देश को आजाद कराने का काम मनमोहनदास करमचंद्र गांधी ने किया था. इन्हें सभी महात्मा गांधी के नाम से जानते हैं और ये भारत के राष्ट्रपिता के नाम से भी फेमस थे जिन्हें बहुत से लोग आदर्श मानते थे. वहीं चीन की एक महिला भी है जो इतने सालों से महात्मा गांधी के आदर्शों पर चली आ रही हैं और उनके हर नियम को फॉलो करती हैं. इतना ही नहीं वहा के बच्चों को गांधी की हर बातों से रूबरु करवाती हैं. भारत के राष्ट्रपिता की नीतियों पर चलती है चीन की ये महिला, जो भारत की सभ्यता और संस्कृति को आज भी उन्हें फॉलो करती हैं. इन्होंने गांधी जी की बहुत सी किताबों को पढ़ते हुए उन्हें बहुत करीब से जाना और पहचाना है.

भारत के राष्ट्रपिता की नीतियों पर चलती है चीन की ये महिला

जो भी लोग गांधी जी को करीब से जानते थे वो लोग जानते थे कि उनके जैसे व्यक्तित्व की तरह दूसरा शायद ही कोई बनाया गया हो. गांधी जी ने हमेशा दूसरों के हित के बारे में सोचा और अपने उसूलों पर चलते हुए बड़े से बड़े कामों अंजाम भी दिया. गांधी को दुनिया के कई लोग मानते हैं वहीं चीन जहां गांधी कभी गए भी नहीं वहां की एक महिला गांधी के आदर्शों पर चलती है. चीन के बहुत से लोग महात्मा गांधी के बारे में पढ़ते और उनके बारे में जानते हैं. चीन की रहने वाली वू पेई ने भी उनके बारे में बहुत सी किताबें पढ़ीं हैं और उनके सिद्धांतों को आज भी मानती हैं.

जहां एक ओर चीन की पूरी जनसंख्या मांसाहारी है वहीं 57 साल की पू पेई शाकाहारी हैं और उन्हें चीन जैसे देशों में शाकाहारी बहुत मुश्किल से मिल पाता है. वे पुराने कपड़े पहनती हैं, एसी और वाशिंग मशीन से दूर रहती हैं. एक साधारण से घर में रहते हुए उन्हेोंने एक स्कूल खोला और चीनी विद्यार्थियों को वे महात्मा गांधी के सिद्धांतों को पढ़ाती हैं.

बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं बच्चों को महात्मा गांधी के सिद्धांतों के बारे में सीधे नहीं बताती लेकिन उन्हें उनसे जुड़ी हर बात को गहराई से सिखाती हैं.

गांव के लिए अच्छा काम करें, कूड़ा इकट्ठा करें, अगर लोग अकेले हैं तो वो उनके घरों में उनसे मिलने जाएं.’ इन सभी बातों को वो सिखाती भी हैं और खुद उसे फॉलो भी करती हैं. उन्होंने बताया कि गांधी कभी चीन नहीं गए मगर वहां उनके ऊपर काम करने वाले साउथ चाइन नॉर्मल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शांग छुआनयू ने भी बताया था कि चीन में महात्मा गांधी के ऊपर लगभग 800 किताबें लिखी गई हैं.

चीन की राजधानी बीजिंग के छाओयांग पार्क में महात्मा गांधी की एकमात्र मूर्ति लगी है. जिसके सामने एक मानव द्वारा बनाया गया तालाब है और वो मारकेज़, इग्नेसी जान पेडेरेव्स्की और हिृस्टो बोटेव जैसी शख्सियतों में एकलौते भारतीय के रूप में गांधी जी की मूर्ति स्थापित है. ये हर भारतीय के लिए सम्मान की बात है और पू पेई इस बात पर गर्व करती हैं कि वे गांधी जैसे इंसान को आदर्श मानती हैं.