सोयाबीन के फायदे एवं खाने का सही तरीका

सोयाबीन के फायदे: सोयाबीन आज के समय में शाकाहारी लोगों की पहली पसंद बन चुका है. सोयाबीन में मौजूद प्रोटीन और फाइबर अच्छी सेहत के लिए फायदेमंद साबित होते हैं. सोयाबीन का तेल और टोफू पनीर दुनिया भर में प्रचलित है. सोयाबीन कईं तरह के व्यंजन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

आज हम आपको सोयाबीन के फायदे बताने जा रहे हैं, जिसने शायद आप पहले से वाकिफ नहीं होंगे. लेकिन इससे पहले हम आपको बता दें कि सोयाबीन मूल रूप से एशियाई है लेकिन इसकी खेती आम तौर पर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में की जाती है. सोयाबीन का वैज्ञानिक नाम ग्लिसिन मैक्स (Glycine max) है. सोयाबीन का इस्तेमाल इन दिनों काफी बढ़ता जा रहा है. सोयाबीन से बने प्रोडक्ट्स बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हैं.

सोयाबीन में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके इलावा इसमें अमीनो एसिड भी मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए बेहद आवश्यक है. साथ ही इसमें कार्बोहाइड्रेटस, वसा, कैल्शियम, फास्फोरोस आदि जैसे पुश्क तत्व मौजूद हैं जो हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक प्रणाली के रूप में काम आते हैं. चलिए जानते हैं आखिर सोयाबीन खाने के फायदे क्या क्या हो सकती हैं और इनको खाने का सही तरीका क्या है.

सोयाबीन के फायदे- एनीमिया में राहतकारी

सोयाबीन को कईं तरह से इस्तेमाल किया जाता है. इसके बीजों में कईं तरह के पुश्क तत्व मौजूद रहते हैं इसलिए इनका उपयोग सब्जी बनाने में किया जाता है. इसके इलावा सोयाबीन से बनाया गया दूश और पनीर भी सेहत के लिए बहुत उपयोगी है. नियमित रूप से सोयाबीन का सेवन करने से शरीर में लाल रक्त केशिकाओं की कमी यानी एनीमिया की बीमारी दूर होती है. इसके इलावा हड्डियों की मजबूती के इए बह सोयाबीन रामबाण साबित होता है.

सोयाबीन के फायदे- हृदय रोगों के लिए

सोयाबीन में कईं तरह के अनसैचुरेटेड फैटस मौजूद होते हैं जो हमारे कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं और हार्ट अटैक जैसे हृदय रोगों से हमें बचाते हैं. सोयाबीन खाने से रक्त का जमाव केशिकाओं में नहीं होता और यह हमारे शरीर में मौजूद माँसपेशियो को मजबूत बनाते हैं. इसमें पाया जाने वाला फाइबर भी कोलेस्ट्रॉल कम करता है और नसों को सुरक्षित बनाये रखने में मददगार होता है.

सोयाबीन के फायदे- मासिक धर्म में उपयोगी

कई बार लड़कियों को मासिक धर्म बंद हो जाते हैं इसका एकमात्र कारण शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होना हो सकता है. इससे महिलाओं की हड्डियों का तेजी से नुकसान होने लगता है जिस से गठिया जैसे रोग उन्हें घेर लेते हैं. ऐसी स्थिति में सोयाबीन का सेवन करना बहुत फायदेमंद साबित होता है. 3 से 4 महीने तक नियमित रूप से सोयाबीन का सेवन करना एस्ट्रोजन की कमी को पूरा कर देता है जिससे मासिक धर्म से जुड़ी सभी समस्याएं दूर हो जाती है.

सोयाबीन के फायदे- अनिद्रा में उपयोगी

आज के समय में अधिकतर लोग नींद ना आने की बीमारी से ग्रसित है. इसका कारण उनकी दिनचर्य, थकान एवं स्ट्रेस हो सकता है. लेकिन सोयाबीन के सेवन से शरीर में पर्याप्त मात्रा में मेग्नेशियम पहुँचता है जोकि अनिद्रा को दूर करता है. ऐसे में यदि आप भी नींद ना आने के कारण परेशान है तो आज से ही सोयाबीन को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें.

सोयाबीन के फायदे- सोयाबीन खाने का सही तरीका

सोयाबीन में फायटिक एसिड सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है इसके इलावा इसमें कईं तरह के खनिज पदार्थ जैसे कि आयरन, कैल्शियम, जिंक आदि मौजूद रहते हैं जो हमारे शरीर में पाचन तथा अव्शोष्ण में बाधा उत्पन करते हैं. दाल गेहूं आदि में भी यह तत्व होता है लेकिन पानी में भिगोने , अंकुरित करने या पकाने की प्रक्रिया से फायटिक एसिड और खनिज तत्वों का बंधन टूटता है और खनिज का अवशोषण आसान हो जाता है. ऐसे में यदि आप सोयाबीन का अच्छे तरीके से उपयोग करना चाहते हैं तो इसके लिए इसका दूध, पनीर एवं दही आपके लिए सबसे फायदेमंद साबित होगा.

  • रातमें 50 ग्राम पीले सोयाबीन को पानी में भिगों दे और सुबह इनके छिलके निकाल कर फेंक दें. अब सोयाबीन को बारीक पीस लें और इसमें आधा लीटर पानी मिला कर अच्छे से चान लें. आपका आधा लीटर सोयाबीन दूध तैयार हो चुका है. अब इसे एक्सचे से हिलाते हुए उबाल लें. इसको रोज़ाना आप पी सकते हैं या इसका आटा गूंथ कर पराठे बना सकते हैं.
  • सोयाबीन का दही जमाने के लिए आधे लीटर दूध में दो चम्मच दही मिला कर रख दें और जब दही तैयार हो जाए तो इसकी छाछ बना कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • वहीँ टोफू पनीर के लिए सोयाबीन के दूध को गर्म करके उसमे नींबू का रस मिला दें और फटने पर दूश को अच्छे से छान कर पनीर निकाल लें.