बाबा रामदेव ने कहा कि अगर सरकार उन्हें इजाज़त दे तो वह बेचना चाहते हैं 35 रुपए लीटर पेट्रोल

योग गुरु रामदेव के बारे में किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। आज रामदेव ने अपने योग साधना के बल पर अपनी पहचान दुनियाभर में बनाई है। रामदेव ने योग को भारत के हर घर तक पहुँचाया है। योग गुरु रामदेव ने लोगों को स्वदेशी की तरफ़ भी मोड़ा है। भारत में आज के समय में लोग सबसे ज़्यादा रामदेव के प्रोडक्ट पतंजलि का इस्तेमाल कर रहे हैं। रामदेव के पतंजलि प्रोडक्ट दंत कांति ने कोलगेट तक को पीछे छोड़ दिया है। आज दंत कांति को भारत में लोग सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं।

शामिल किए जाए जीएसटी स्लैब में सबसे निचले स्तर पर:

अब जानकारी मिली है कि रामदेव सरकार से इजाज़त लेना चाहते हैं कि उन्हें सरकार 35 रुपए प्रति लीटर तेल बेचने की इजाज़त दे। राम देव ने कहा है कि अगर सरकार उन्हें इजाज़त दे तो वह 35 रुपए लीटर पेट्रोल बेच सकते हैं। बता दें देश में जहाँ 90 रुपए लीटर पेट्रोल बिक रहा है, इस समय में बाबा केवल 35 रुपए लीटर पेट्रोल बेचने की बात कर रहे हैं, यह बहुत हैरान करने वाला है। बाबा ने सरकार से माँग की है कि पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के टैक्स स्लैब में सबसे निचले स्तर यानी 5 प्रतिशत टैक्स में शामिल किया जाए।

बाबा रामदेव ने देश की जनता को होने वाली परेशानियों को देखते हुए कहा कि पेट्रोल-डीज़ल आज के समय में अपने सबसे उच्चतम दर पर है। यह आज के समय में आम आदमी की जेब ख़ाली करने का काम कर रही है। वहीं अगर पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी में 28 प्रतिशत टैक्स स्लैब में शामिल किया गया तो आम आदमी को राहत नहीं मिल पाएगी। आपको बता दें बाबा रामदेव ने यह सब एनडीटीवी के एक कार्यक्रम के दौरान पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों को कम करने पर केंद्र सरकार के रूख पर कहा।

देखने को मिल रहा है क्रूड ऑयल की क़ीमत में उछाल:

बाबा रामदेव ने कहा कि अगर सरकार को पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स कम करके राजस्व में नुक़सान होता है तो इसकी भरपाई के लिए वह अमीर लोगों के ऊपर ज़्यादा टैक्स लगाकर कर सकती है। देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों ने मोदी सरकार के सामने चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। एक तरफ़ जहाँ लगातार डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपया गिरता जा रहा है, वहीं कमज़ोर रुपए की वजह से महँगे क्रूड ऑयल को ख़रीदने के लिए ज़्यादा डॉलर ख़र्च करने पड़ रहे हैं। बता दें ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध और भारत सहित अन्य देशों द्वारा इस प्रतिबंध को माँगने की अंतिम तिथि जैसे-जैसे नज़दीक आ रही है, क्रूड ऑयल की क़ीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है।

ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स से राजस्व के नुक़सान को बचाने में लगी हुई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर मोदी सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर केवल एक रुपए की एक्साइज ड्यूटी कम करे तो राजस्व को 14000 करोड़ रुपए का नुक़सान होता है। इन नुक़सान की वजह से केंद्र सरकार के लिए वित्तीय घाटा को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत के लक्ष्य पर रखना मुश्किल हो जाएगा। वर्तमान समय में केंद्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल पर 15.33 रुपए प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है।