देश की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी जोर, पहली तिमाही में 8.2 फीसदी रही जीडीपी

2018 के वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही यानी अप्रैल-जून में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई है। अप्रैल से जून की पहली तिमाही में 8.2 प्रतिशत की विकास दर दर्ज हुई है। इसे देश की विकास में बड़े उछाल के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि अर्थशास्त्रियों ने 7.6 प्रतिशत विकास दर का अनुमान लगाया था। आपको बता दें कि पिछले साल इसी तिमाही में विकास दर 5.6 प्रतिशत थी। बताया जा रहा है कि निर्माण क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन और उपभोक्ता खर्च बढ़ने की वजह से यह दर 8.2 फीसदी पर पहुँचा है। नए वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही के आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए हैं। यह आंकड़े केंद्रीय सांख्यिकी संगठन यानी सीएसओ ने जारी किए हैं।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कहा जाने वाला चीन ने पहली तिमाही में 6.7 फीसदी आर्थिक विकास दर दर्ज की है। जबकि इसी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 8.2 फीसदी विकास दर दर्ज किया है।

 

ये विकास दर पिछले दो सालों में सबसे अधिक है। 2016 के बाद सबसे अधिक विकास दर दर्ज की गई है। निर्माण, बिजली, पानी, डिफेंस, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र में 7 प्रतिशत से अधिक विकास दर दर्ज की गई है। ये अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है। बताया जा रहा है कि आधिकारिक आंकड़ा उम्मीदों से अधिक बेहतर है क्योंकि बहुत से अर्थशास्त्रियों ने पहली तिमाही में विकास दर 7.6 रहने का अनुमान जताया था।

इसके अलावा कोर सेक्टर में विकास दर 6.6 फीसदी रहा है। इसका कारण सीमेंट, फर्टिलाइजर, कोयला और रिफाइनरी का उत्पादन बेहतर रहना है। बताया जा रहा है कि आठ कोर सेक्टर में उत्पादन अच्छा रहा है। आठ कोर सेक्टर का मतलब यहां कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादक, उर्वरक, इस्पात,सीमेंट और बिजली उत्पादन है। पिछले वर्ष इसी तिमाही में इनका विकास दर 2.9 फीसदी रहा था।

हालांकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में सालाना आधार पर कम आंका जा रहा है। वहीं स्टील के क्षेत्र में भी विकास दर घटी है। इस बार यह 6 फीसदी रही जो 2017 में 9.4 फीसदी थी।

ज्ञात हो कि मूडीज जैसी संस्था ने भारत के विकास दर को 2018 और 2019 में 7.5 रहने की अनुमान जाहिर किया था। वहीं आरबीआई ने अपने सालाना रिपोर्ट में कहा था वर्तमान वित्त वर्ष के लिए 7.4 फीसदी विकास दर रहने का अनुमान जताया था। जबकि रूपए की कीमत लगातार गिर रही है ऐसे में भारत के विकास दर 8.2 प्रतिशत को अच्छा कहा जा सकता है।