योगी सरकार ने अटल जी के चले जाने के बाद लिया ऐतिहासिक फैसला, जानिए क्या है वो

भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन गुरुवार (16 अगस्त) की शाम को हुआ और 17 अगस्त के दिन पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई. उनकी अंतिम यात्रा में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेताओं के साथ-साथ हजारों की तादात में आम जनता शामिल हुई थी. इस यात्रा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल थे और वे दोपहर 3 बजे ही दिल्ली पहुंच गए थे. इसके बाद योगी वापस यूपी आ गए और एक बड़े ऐतिहासिक फैसले का ऐलान कर दिया. योगी सरकार ने ‘अटल जी’ के निधन के बाद लिया ऐतिहासिक फैसला, अब वो फैसला क्या है इसके बारे में हम आपको इस पोस्ट के जरिए बताएंगे.

योगी सरकार ने अटल जी के चले जाने के बाद लिया ऐतिहासिक फैसला

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने अटल जी के निधन के बाद जो ऐतिहासिक फैसला लिया है उसमें अभी उनके कैबिनेट मंत्री के द्वारा कोई बैठक नहीं हुई है लेकिन सीएम ने इस फैसले को बता दिया है. ऐसा बताया जा रहा है कि लखनऊ में बैठने वाली कैबिनेट बैठक में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अटल जी की याद में स्मारक बनवाने की योजना बनाने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अटल जी के स्मारक को उनके गांव बटेश्वर, कानपुर, बलरामपुर और उनकी कर्मभूमि लखनऊ में बनवाया जाएगा. आगरा के बटेश्वर में अटल जी का मूल रूप से घर है, वहीं कानपुर में उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी, बलरामपुर से अटल जी पहली बार लोकसभा चुनाव जीते थे और लखनऊ में रहकर उन्होंने बहुत सारे पद संभाले और कई बार चुनाव भी जीते हैं. ऐसे में यूपी राज्य की योगी सरकार ने इन चारों जगहों पर अटल जी के स्मारक को बनवाने पर विचार किया है और जल्दी ही इसपर आखिरी फैसला भी सामने आएगा. इसके अलावा अटल जी के निधन के बाद उनकी अस्थियों को उत्तर प्रदेश की समस्त नदियों में विसर्जत किया जाएगा, जिसके लिए योगी सरकार अटल अस्थी कलश यात्रा निकालेगी. ये यात्रा हर उस जिसे से निकाली जाएगी जहां-जहां गंगा यमुना या हर छोटी नदी निकलती है. यूपी से अटल जी के लगाव को देखते हुए ही इस अस्थि कलश यात्रा को निकालने का फैसला किया गया है. जिसमें बीजेपी के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे.

जैसा कि सभी जानते हैं कि योगी सरकार ने साल 2017 में भारी बहुमत से बीजेपी की सरकार बनाई थी. जिसके बाद मोदी जी और अमित शाह ने गोरखपुर से सांसद रहे योगी आदित्यनाथ को यूपी का कार्यभार सौंपा गया. योगी जी कहते हैं उनका जीना और मरना बीजेपी के लिए है और हमेशा रहेगा, वहीं बीजेपी पार्टी को शून्य से शिखर पर पहुंचाने वाले स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य द्वारा सम्मान दिया जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है लेकिन योगी जी की इस लगन को देखते हुए वो सम्मान और बढ़ जाता है. राष्ट्रीय शोक के दौरान योगी सरकार ने भी एक दिन का राज्य बंद करने के फैसले में समर्थन किया था और वहां 7 दिनों तक कोई राज्य समारोह नहीं मनाया जाएगा.