भारत में एक चाय वाला बना पीएम तो ये चाय वाली बनी बिज़नेस वीमेन ऑफ़ द इयर, जय हो.!

अभी कुछ दिनों पहले पाकिस्तना के चाय वाले की लोकप्रियता विश्वस्तर पर इतनी बढ़ गयी कि उसे मॉडल बना दिया गया। ऐसे में भारत कैसे पीछे रह सकता था, अब बारी है भारत की। ये सही बात है कि भारत में सबसे पहले चाय को अंग्रेजों ने लाया था, लेकिन उसे सही तरह से तो सिर्फ भारतीय ही बना सकते हैं। इसी चाय बनाने की काबिलियत की वजह से एक भारतीय महिला को ऑस्ट्रेलिया में बिज़नेस वीमेन ऑफ़ द इयर के अवार्ड से नवाजा गया है। 26 साल की उपम्मा विरड़ी की यही दीवानगी उन्हें इस मुकाम पर ले आयी है, जबकि वह पेशे से एक वकील हैं।

भारतीय चाय वाली की लोकप्रियता ऑस्ट्रेलिया बढ़ रही है

“चाय वाली” नाम से बन गया ब्राण्ड  मिला बिज़नेस वीमेन ऑफ़ द इयर अवार्ड!:

उपम्मा को बचपन से ही चाय बनाने का बहुत शौक था, इसी वजह से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में एक चाय की दुकान खोल ली। उन्हें यह नहीं पता था कि ऑस्ट्रेलिया में उनकी चाय को इतना पसंद किया जाएगा। उनकी बनाई हुई चाय को ऑस्ट्रेलिया में इतना पसंद किया गया कि देखते ही देखते “चाय वाली” नाम से ब्राण्ड बन गया। चाय वाली के नाम से उन्होंने पुरे ऑस्ट्रेलिया में अपना परचम फहरा दिया है, उनकी चाय ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में खूब बिक रही है।

भारत में चाय सुख- दुःख की साथी:

उपम्मा ने बताया कि चाय के व्यवसाय के पीछे उनका सिर्फ एक मकसद था कि वह भारतीय संस्कृति से लोगों को परिचित करवायें। जैसे भारत में चाय के समय सभी लोग एक साथ मिलकर बैठते हैं, और अपने दुःख- सुख को सबके साथ बाँटते हैं, वैसे ही यहाँ के लोग भी करें। भारत में चाय सुख- दुःख दोनों समय में लोग पसंद करते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी मैंने ऐसी ही जगह की खोज की लेकिन दुर्भाग्य से मुझे यहाँ पर ऐसी एक भी जगह नहीं मिली। उसके बाद मेरे दिमाग में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय चाय बनाने की तरकीब सूझी। फिर क्या था मैंने शुरू कर दिया बिना देर किये।

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यहाँ ऑनलाइन भी मिलती है चाय ” बिज़नेस वीमेन ऑफ़ द इयर अवार्ड : 

उपम्मा ने बताया कि जब शुरुआत में मैंने यह बात अपने घर वालों को बताई तो उन्होंने इसपर आपत्ति जताई। घर वाले यह बिलकुल भी नहीं चाहते थे कि, मैं अपनी अच्छे- खासे वकालत के पेशे को छोड़ दूं। लेकिन मैंने घर वालों से कहा कि मैं जमाने को दिखाना चाहती हूँ कि चाय बेचने वाला कुछ भी कर सकता है। भारत में बहुत सारे बिना- पढ़े लिखे लोग अपना खुद का चाय का व्यवसाय चलाते हैं। उपम्मा अपने चाय का ऑनलाइन स्टोर भी चलाती हैं। यहाँ से कोई भी ऑनलाइन चाय ऑर्डर कर सकता है। उपम्मा ने अपनी वकालत को पूरी तरह से छोड़ा नहीं है, समय मिलने पर वह अभी भी इससे जुड़े काम करती हैं।

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