चंद्रग्रहण के साथ होगी एक और दुर्लभ घटना की शुरुआत, जानिए क्या होगा ऐसा

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि 27 जुलाई को चंद्र ग्रहण लगने वाला है जिन लोगों को आकाश में देखने में आनंद आता है वह लोग 27 जुलाई को दो दुर्लभ खगोलीय घटनाएं देख सकते हैं एक तरफ दुनिया भर में लोग सदी के सबसे लंबी अवधि के पूर्ण चंद्रग्रहण का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर उन्हें इसी तरह की एक अन्य दुर्लभ खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी 27 जुलाई 2018 दिन शुक्रवार को भारतीय मानक समय के अनुसार रात 10:45 बजे उपछाया क्षेत्र में चंद्रमा के प्रवेश के साथ चंद्र ग्रहण की शुरुआत होगी इसके ठीक 5 मिनट पहले मंगल ग्रह सामान्य से अधिक चमकदार और बड़ा दिखाई देने वाला है इस दौरान मंगल ग्रह ऐसी स्थिति में होगा .जिसे खगोल विज्ञान में विमुखता कहा जाता है।

दरअसल, विमुखता उस स्थिति को कहा जाता है जब मंगल अपनी कक्षा में घूमते हुए पृथ्वी के बहुत नजदीक आ जाता है इस समय के दौरान सूर्य पृथ्वी और मंगल लगभग सीधी रेखा में होते हैं पृथ्वी और मंगल दोनों ही इस स्थिति में सूर्य के एक और ही होते हैं ऐसे में मंगल जिसे लाल ग्रह भी कहा जाता है सामान्य से अधिक चमकीला और बड़ा नजर आता है मंगल की विमुखता की शुरुआत 27 जुलाई 2018 को हो जाएगी परंतु लाल ग्रह पृथ्वी के सबसे अधिक नजदीक 31 जुलाई के दिन होगा जो ग्रह पृथ्वी के आसपास घूमते हैं वह वृत्ताकार ना होकर अंडाकार होने लगेंगे यही वजह है कि विमुखता की विभिन्न स्थितियों के दौरान मंगल और पृथ्वी के बीच की दूरी भी अलग अलग रहती है।

मंगल की दूरी पृथ्वी से 400 मिलियन किलोमीटर से लेकर 56 मिलियन किलोमीटर के बीच होती है मंगल की पृथ्वी से सबसे अधिक नजदीकी विमुखता के दौरान होती है पूरे 15 वर्षों बाद मंगल पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा इसी वजह से पिछले 15 वर्षों की अपेक्षा मंगल अधिक चमकदार और बड़ा नजर आएगा इस विषय में वैज्ञानिकों का ऐसा कहना है कि पृथ्वी से मंगल की दूरी महज 58 मिलियन किलोमीटर होगी अगर हम इसको तकनीकी भाषा में समझे तो मंगल का कोणीय व्यास पृथ्वी से देखने पर 24 मिनट से अधिक होगा अगर हम इस दौरान आकाश में सबसे ज्यादा चमकीले तारे की बात करें तो वह भी मंगल के मुकाबले 3 गुना धुंधला नजर आएगा।

वैसे देखा जाए तो आकाश में होने वाली इस घटना का खगोल विज्ञानियों के लिए एक बहुत ही अद्भुत अवसर के समान है क्योंकि इस घटना के दौरान उनको टेलिस्कोप के माध्यम से मंगल के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होगा परंतु नंगी आंखों से आकाश को देखने वाले सामान्य व्यक्तियों के लिए लाल ग्रह को देखना कठिन होगा क्योंकि पृथ्वी के बेहद करीब होने के बावजूद वह एक छोटे कण की तरह नजर आएगा ग्रहण के दौरान लाल रंग के चंद्रमा के बगल में इसे देखने का एक बहुत ही अद्भुत अवसर है वैज्ञानिकों का ऐसा कहना है कि ग्रहण के दौरान चांद के 6 डिग्री दक्षिण में मंगल को देखा जा सकेगा।

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