दिवाली की आतिशबाजी से दिल्ली की हवा में घुला जहर, 42 गुना तक बढ़ा प्रदूषण का स्तर

नई दिल्लीः देश के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में भी धूमधाम से दीपावली मनाई गई। पिछली बार की तरह ही इस बार भी दिल्ली में जमकर पटाखे फोड़े गए। दिल्ली एनसीआर में कुछ ज्यादा ही आतिशबाजी हुई जिसके चलते प्रदूषण का स्तर कई गुना तक बढ़ गया। Diwali Pollution level. 

प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक –

Diwali Pollution level

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक आंकड़े के अनुसार दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम में प्रदूषित पीएम (पर्टिकुलर मैटर्स) 10 की मात्रा 42 गुना अधिक दर्ज की गई है। बढ़े हुए प्रदुषण की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।

वहीं, अग्निशमन विभाग के अनुसार दिल्ली में पटाखों से आग लगाने के 100 से अधिक मामले सामने आये जिसमें किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है।

सड़कों पर विजिबिलिटी जीरों, वाहन चालक परेशान –  

Diwali Pollution level

प्रदूषण की वजह से पूरे दिल्ली-एनसीआर में कोहरे की चादर बिछ हुई है। प्रदुषण के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। आज सुबह से ही पूरे एनसीआर में धूल का गुबार छाया हुआ है। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर का पहले से और ज्यादा खतरनाक होने की स्थिति में ये सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।

आज सुबह घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले लोगों को सांस लेने में परेशानी देखी गई। पटाखों की धुंध में लिपटी दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी जीरों रही।

इसके कारण डीएनडी फ्लाईवे पर पांच गाड़ियां आपस में भिड़ गई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई है।

सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा –

केंद्र सरकार की संस्था सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वैदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च ( SAQWFR) के अनुसार अगर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 400 से ज्यादा होता है तो प्रदूषण का स्तर बेहद ही खतरनाक हो जाता है। प्रदूषण की मात्रा बढ़ने पर हवा में सांस से जुड़ी बीमारियां का खतरा कई गुना बढ़ा जाता है।

पहले से हृदय और फेफड़े की बीमारियों से परेशान लोग इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं, खासकर अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती है।