RSS चीफ मोहन भागवत के बयान से हिन्दुओं में राहत, कहीं और नहीं अपनी ही जगह पर बनेगा राम मंदिर

मुंबई: राम मंदिर का मुद्दा अधुकिन भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा है। राम मंदिर निर्माण को लेकर कई सरकारों ने तरह-तरह के वादे किये लेकिन आजतक किसी ने राम मंदिर के बारे में कोई मजबूत बात नहीं की। उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार आने के बाद हिन्दू समुदाय के लोगों को यकीन हो गया था कि हो ना हो राम मंदिर का विवाद अब सुलझ जायेगा, लेकिन ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। विश्व हिन्दू परिषद के चुनाव के बाद विहिप के नए अध्यक्ष और संघ प्रमुख मोहन भागवत को एक बार फिर से राम मंदिर की याद आई है।

एक बार फिर से मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिससे हिन्दुओं में राहत की सांस आई है। मोहन भागवत ने कहा है कि इस बात में कोई शक नहीं है कि राम मंदिर जहाँ था वहीँ बनेगा। केवल यही नहीं मोहन भागवत ने यह भी कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण नहीं हुआ तो भारतीय संस्कृति की जड़ें भी कट जाएँगी। मोहन भागवत ने ये बातें रविवार को पालघर जिले के दहानू में हुए विराट हिन्दू सम्मलेन के दौरान कही।

यहाँ पर मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर कई बड़ी-बड़ी बातें की। मोहन भागवत ने कहा कि भारत के मुस्लिम समुदाय ने राम मंदिर को नहीं तोडा, क्योंकि भारतीय नागरिक कभी ऐसी हरकत नहीं कर सकता है। ऐसा विदेशियों ने भारतीय लोगों का मनोबल तोड़ने के लिए किया है। भागवत ने कहा कि अगर अयोध्या में राम मंदिर नहीं बना तो भारतीय संस्कृति की प्राचीन जड़ें हमेशा के लिए कट जाएँगी। मोहन भागवत ने अपने संबोधन में यह बात साफ़ कर दी कि राम मंदिर तोड़ने का काम भारतीय मुस्लिमों ने नहीं बल्कि विदेशियों ने की है।

भागवत ने कहा कि ऐसा काम एक भारतीय व्यक्ति कभी भी नहीं कर सकता है, भले ही वह किसी धर्म का ही क्यों ना हो। भागवत ने कहा कि आज हम पूरी तरह से आजाद हैं और हमें यह अधिकार है कि हम राम मंदिर का निर्माण फिर से उसी जगह पर करवा सकें जहाँ वह पहले था। भागवत ने कहा कि वह केवल एक मंदिर ही नहीं था बल्कि भारतीय हिन्दुओं के पहचान का प्रतिक भी था। इस बात में अब कोई शक नहीं ई कि राम मंदिर का निर्माण वहीँ होगा, जहाँ वह पहले था। मोहन भागवत के अलावा विहिप के नए अध्यक्ष विष्णु सदाशिवम कोकजे ने भी राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

कोकजे ने कहा कि जल्द ही संतो की अगुवाई में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाया जायेगा। ऐसा जबरदस्ती नहीं बल्कि न्यायालय के आदेश के बाया फिर संसद से कानून बनाकर किया जायेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल राम मंदिर का केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने यह वादा किया था कि वह अपने सरकार में राम मंदिर का निर्माण जरुर करवाएगी। राम मंदिर मामले को कोर्ट के बाहर भी सुलझाने की काफी कोशिशें की गयी हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।