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हंगामे से नाराज हुए राज्यसभा के सभापति वेकैंया नायडू, 26 मार्च तक सदन को किया स्थगित

बजट सत्र का दूसरा सेशन संसद में चल रहा है, लेकिन इस बीच कोई खास कार्यवाही नहीं हो पाई, क्योंकि संसद में हंगामों की बारिश हो रही है। पिछले 15 दिन से लगातार संसद में हंगामा हो रहा है, जिसकी वजह से नायडू काफी नाराज दिखे। बता दें कि सभापति नायडू ने संसद को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया है, ऐसे में इस दौरान वो सांसदो से काफी नाराज लगे। आइये जानते हैं कि सभापति और उपऱाष्ट्रपति नायडू ने क्या क्या कहा?

एक तरफ 25 सीटों के लिए मतदान जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ सांसद सदन में हंगामा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पिछले 15 दिन से जारी इस हंगामे से उपऱाष्ट्रपति पूरी तरह से नाराज हो गये। उन्होंने सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोगों के इस रवैये से मेरे पास संसद को स्थगित करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है, लेकिन क्या आप सदन के साथ न्याय कर रहे हैं, इस पर विचार जरूर कीजिएगा।

सदन में पिछले 15 दिन से हंगामा जारी है, जिसकी वजह से कुछ विधेयक पारित नहीं पा रहे हैं, इसके अलावा विपक्ष भी अविश्वास प्रस्ताव को पारित करने में असफल रही है, ऐसे में अब विपक्ष के पास कुछ ही समय बचा है, क्योंकि 4 अप्रैल को संसद का यह सत्र खत्म हो जाएगा। बता दें कि सदन में विपक्ष लगातार हंगामा कर रही है, इसलिए नायडू पूरी तरह से खफा नजर आएं। इतना ही नहीं, हंगामों से नाराज नायडू ने डिनर भी कैंसिल कर दिया था।

राज्यसभा में पारित हुआ मातृत्व अवकाश व ग्रेच्युटी विधेयक

शुक्रवार के दिन कार्यवाही शुरू होते ही संसद में फटाफट मातृत्व अवकाश व ग्रेच्युटी विधेयक को पारित कर दिया, इस दौरान भी हंगामा चालू था, लेकिन सभापति ने इस विधेयक पर मुहर लगा दी। बता दें कि यह विधेयक भी काफी समय से सदन में अटका हुआ था, ऐसे में इसका पारित होना बहुत जरूरी था।

नायडू ने अपनी बात को आगे रखते हुए कहा कि लोग मुझसे कहते हैं कि आप संदन को बार बार स्थगित क्यों कर देते हैं, तो मैं उनकों बताना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि आप अपने सांसदों का ये लापरवाही पूर्ण रवैया देंखे, इससे सदन की गरिमा को ठेस तो पहुंचती ही है, साथ ही लोगों का भऱोसा भी टूट जाता है।

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