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वो मैच जिसमें पाकिस्तान के लिए खेल बैठे थे सचिन, वो भी भारत के खिलाफ

भारत में क्रिकेट को धर्म माना जाता है और इस धर्म के भगवान कहे जाते हैं सचिन तेंदुलकर.. सचिन वो भारतीय क्रिकेटर हैं जिनके अंगेस्ट खेलना भी प्रतिद्वंदी टीम के खिलाड़ियों को एक सुनहरा मौका लगता है। सचिन ने भारत के लिए खेलते हुए कई विश्व रिकार्ड बनाए है जिनके बारे में तो पूरी दुनिया को पता है पर सचिन के बारे में एक बात ऐसी है जो शायद ही उनके फैंस को पता हो .. वो ये कि भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ी के रूप जाने जाने वाले सचिन ने एक मैच पाकिस्तान के लिए भी खेला है और वो भी भारत के खिलाफ .. जी हां, शायद ये सुनकर आपको य़कीन ना हो रहा हो पर ये सच है जिसका खुलासा सचिन की बायोग्राफी ‘प्‍लेइंग इट माई वे’ हुआ है।

सचिन ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच पाकिस्तान के लिए खेला

सचिन तेंदुलकर के लिए कहा जाता है कि उन्होनें अपने करियर की शुरूआत पाकिस्‍तान के खिलाफ 15 नवंबर, 1989 में की थी पर असल में ये पहली बार नहीं था जब वो इटंरनेशनल क्रिकेट में आए हों।दरअसल इससे पहले भी सचिन दो साल पहले भारत की प्रतिद्वंदी टीम पाकिस्‍तान का हिस्‍सा बन चुके हैं। इस दिलचस्‍प किस्‍से का उजागर सचिन की बायोग्राफी ‘प्‍लेइंग इट माई वे’ में किया गया है।

ये वाक्या 20 जनवरी 1987 का है जब सचिन 14 साल के भी नहीं थे। उस वक्त पाक टीम भारत के दौरे पर आई हुई थी। ऐसे में मुंबई के ब्रेबोर्न स्‍टेडियम में प्रैक्टिस मैच चल रहा था, 40 ओवर के उस मैच में जब आखिरी घंटा चल रहा था तभी पाकिस्‍तान के दो सीनियर क्रिकेटर जावेद मियांदाद और अब्‍दुल कादिर आराम फरमाने होटल चले गए। तो पाक टीम के कप्‍तान इमरान खान सीसीआई के कप्‍तान हेमंत केंकरे के पास गए और कहा कि उनके पास फील्‍डर कम हैं.. इसलिए उन्‍हें 3-4 खिलाडियों की जरूरत है।

तभी वहीं ग्राउण्ड में दो लड़के टहल रहे थे जिसमें एक सचिन तेंदुलकर और दूसरा खुशरू वसानिया था। ऐसे में सचिन ने हेमंत की तरफ उम्‍मीद भरी निगाहं से देखत हुए मराठी में पूछा – मी जाऊं का ? जिसके बाद हेमंत जब तक जवाब देते, सचिन ग्राउंड तक पहुंच गए थे।

पाकिस्तान के लिए फील्डिंग करते हुए कपिलदेव का कैच पकड़ने की कोशिश की

इसके बाद अगले 25 मिनट तक सचिन पाकिस्‍तान के लिए खेले और फील्डिंग की। ऐसे में मैच के दौरान एक वक्‍त ऐसा भी आया जब कपिल देव का कैच सचिन की तरफ आया। जिसे पकड़ने के लिए सचिन खूब दौड़े पर सफल नहीं हो पाए और इस कैच को ना ले पाने की सचिन को बहुत निराशा भी हुई।

इस मैच के लगभग 2 साल और 8 महीने बाद सचिन ने पाक के खिलाफ ही अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर का आगाज़ किया और इसके बाद वो क्रिकेट की दुनिया में छा गए। इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में सचिन के नाम में कई सारे रिकार्ड है जिसमें 100 शतक बनाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। सचिन के इस रिकार्ड के करीब रिकी पॉन्टिंग पहुंचे हैं पर इसे तोड़ नहीं पाए हैं.. पॉन्टिंग ने कुल 71 शतक बनाए हैं। ऐसे में सचिन के 100 सतक वाले रिकॉर्ड का टूटना भी लगभग नामुमकिन लगता है।

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