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सऊदी से लौटी महिला ने बताई दिल दहला देने वाली कहानी, 8 लाख में हुआ था मेरा सौदा और शेख बोला…

सऊदी अरब: आज भले ही पूरी दुनिया में इंसानों के व्यापर पर रोक लगा दी गयी हो, लेकिन आज भी कहीं-कहीं इंसानों की बोली लगती है और उन्हें जानवरों की तरह बेच दिया जाता है। आज भी कई जगहों पर इंसानों की हालत किसी जानवर से कम नहीं है। भारतीय समाज में प्राचीनकाल से ही महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसी देवी के साथ कई तरह के अत्याचार भी किये जाते रहे हैं। पितृसत्तात्मक इस समाज में महिलाओं के साथ क्या-क्या होता रहा है, इसके बारे में बताने की जरुरत नहीं है। आज भी  ज्यादा अच्छी नहीं है  सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

आज भी अच्छी नहीं है सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति :

आज जबकि पूरी दुनिया आजाद हो चुकी है और हर जगह मानवों के व्यापार पर रोक लग गयी है, इसके बाद भी कहीं-कहीं मानवों का व्यापार किया जाता है। ज्यादा दूर जाने की जरुरत नहीं है। भारत में ही हर साल न जाने कितनी लड़कियों को पैसे के लिए बेच दिया जाता है। लड़कियों को जो खरीदता है, वह उनसे वेश्यावृत्ति का काम करवाता है। यह सब बातें देखकर लगता है कि आज भले ही इन्सान चाँद-सितारों पर जा पहुंचा है, लेकिन आज भी महिलाओं की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है।

क्या होता मेरे बच्चों और अंधे पति का ? (सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति )

हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जो आपको अन्दर तक झकझोर कर रख देगी। इस घटना को जानने के बाद आपका इंसानियत पर से यकीन उठ जायेगा। घूमने के बहाने सऊदी अरब भेज एजेंट के चंगुल में फंसाने से लेकर मेरे वापस आने तक मेरे पुरे परिवार ने रो-रोकर अपना समय गुजारा। यह भगवान का ही शुक्र है कि मैं किसी तरह जिन्दा अपने घर वापस लौट पाई हूँ। नहीं तो बेरे बच्चों और अंधे पति की क्या हालत होती? यह सब बातें लुधियाना शहर के गुरु अर्जुन देव नगर की 47 साल की कुलदीप बताते हुए रोने लगी।

कमाई का लालच देकर मुंबई से बिजवा दिया सऊदी अरब:

जानकारी के लिए आपको बता दें कुलदीप ही वह महिला हैं जो 6 महीने बाद एजेंट के चंगुल से छूटकर सऊदी अरब से वापस अपने देश आई हैं। अपनी कहानी बताते समय कुलदीप की आँखों में साफ़-साफ़ खौफ के मंजर देखे जा सकते थे। कुलदीप ने बताया कि बेटी सोनिया की शादी के बाद वह अपने पति और तीन बेटों के साथ छोटी सी दुकान चलाकर गुजारा कर रही थी। पिछले साल की बात है, अगस्त में इसी इलाके की एक महिला मेरे साथ हेमकुंट साहिब गयी हुई थी। उसने झांसे में लेकर मुझसे पासपोर्ट बनवाया। फिर कुछ दिनों के बाद घुमने के साथ कमाई ला लालच देकर मुंबई ले गयी और वहां से सऊदी भेज दिया।

इस उम्र में भी मेरे साथ की जाती थी मारपीट:

जब मैं वहां पहुंची तो मेरा पासपोर्ट छीन लिया गया। एक शेख की कोठी में रात-दिन काम करने के लिए लगाया गया। वहां भरपेट खाना मिलना तो दूर इस उम्र में भी मारपीट की जाती थी। जब मैं शेख से वापस जानें की बात कहती तो वह कहता कि 8 लाख में एजेंट से ठेका हुआ है, जब रकम की पूर्ति हो जाएगी तभी वह जा सकती है। कुलदीप ने बताया कि एक दिन शेख के ड्राईवर का मोबाइल चोरी से लेकर लुधियाना बेटी को फ़ोन लगा दिया। उसके बाद बेटी मेरे सऊदी में फंसे होने की बात लेकर परिवार वालों के साथ सरकार तक पहुँच गयी। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।

आलमारी से उठाया पासपोर्ट और भाग गयी पुलिस थाने:

किस्मत से एक दिन शेख के गोदाम में आग लग गयी और सब वहां से भाग गए। सभी लोगों के जानें के बाद मैंने मौका देखकर आलमारी खोली तो उसमें मेरा पासपोर्ट रखा हुआ था। मैंने पासपोर्ट उठाया और वहां से भागते हुए तीन किलोमीटर दूर स्थित पुलिस स्टेशन पहुँच गयी। जब मैंने पुलिस को अपनी कहानी बतायी तो उन्होंने इंडियन एम्बेसी से संपर्क किया और मेरा वीजा कैंसल करवाकर मुझे वापस भिजवाया गया।

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