अध्यात्म

लक्ष्मी माँ की अपार कृपा पाने के लिए कपड़े में बाँधकर आज ही घर के मुख्य द्वार पर लटकाएं ये चीज

रुपया-पैसा, धन-दौलत आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण चीज बन गयी है। हर व्यक्ति को आज के समय में धन की आवश्यकता पड़ रही है। लोगों को अपने जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए धन चाहिए ही। ऐसे में अगर व्यक्ति गरीब है तो उसके जीवन की सभी इच्छाएं अधूरी रह जाती हैं। कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता है कि उसकी कोई इच्छा अधूरी रहे, इसलिए वह खूब मेहनत करता है। लेकिन कई बार खूब मेहनत करने पर भी कोई फल नहीं मिल पाता है।

हिन्दू धर्म में धर्मशास्त्रों का बहुत ज्यादा महत्व है। इसमें इंसान को सदाचार और नीति सम्बन्धी नियम बताये गए हैं। इसमें मानव जीवन से सम्बंधित कई ऐसी बातों के बारे में बताया गया है, जिससे व्यक्ति के जीवन में बदलाव आता है और वह जीवन में सफलता प्राप्ति करता है। शास्त्रों में लिखी गयी बातें मनुष्य के जीवन में बहुत प्रभाव डालती हैं। इनमें से कुछ बातें इतनी साधारण हैं कि उन्हें हर व्यक्ति अपने जीवन में अमल में ला सकता है और जीवन की समस्याओं से मुक्ति पा सकता है।

आज हम आपको धर्मशास्त्रों के कुछ सामान्य नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए। इससे देवता तो प्रसन्न होते ही साथ में ही धन की देवी माता लक्ष्मी की भी अपार कृपा मिलती है। इसके बाद व्यक्ति के जीवन में धन-दौलत सम्बन्धी को परेशानी नहीं होती है। सुखी जीवन की कामना करने वाले हर व्यक्ति को धर्मशास्त्र की इन बातों का पालन करना चाहिए।

धर्मशास्त्रों की महत्वपूर्ण बातें:

*- किसी भी हिन्दू देवी-देवता की पूजा करते समय परिक्रमा को विशेष महत्व दिया जाता है। लेकिन ज्यादातर पूजा करने वाले लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि किस देवता की पूजा में कितनी परिक्रमा करनी चाहिए?। इसलिए यह ध्यान रखें की जब आप भगवान् विष्णु की परिक्रमा कर रहे हैं तो 4 बार, शंकर भगवान की आधा बार, गणेश जी की 3 बार और सूर्यदेव की 7 बार परिक्रमा करें।

*- भोजन ग्रहण करते समय इस बात का ध्यान रखें की हर समय भोजन पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके ही ग्रहण करें। पक्षिम या दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके कभी भी भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। इससे भोजन प्रदूषित होकर रोग का कारण बनता है।

*- जब भी घर में भोजन बनाए तो सबसे पहले भगवान को भोग लगाने के बाद ह ग्रहण करें। इससे भोजन की सभी त्रुटियाँ और दोष दूर हो जाते हैं।

*- घर का मुख्य द्वार कभी भी बाहर की तरफ नहीं खुलना चाहिए। साथ ही घर के मुख्य द्वार के आगे ना ही वृक्ष, जेनेरेटर, खम्भा या ट्रांसफार्मर होना चाहिए।

*- मुख्य दरवाजे पर काले रंग का पेंट भूलकर भी नहीं करवाना चाहिए। गेट अगर दक्षिण दिशा में हो तो महरून रंग, उत्तर दिशा में हो तो हल्का हरा रंग, पूर्व में हो तो सफ़ेद रंग और पक्षिम दिशा में हो तो हल्का नीले रंग से करवाना चाहिए।

*- घर के मुख्य द्वार पर केसरिया रंग का स्वस्तिक का चिन्ह लगायें या गणेश जी की फोटो लगा दें। 7-9 घुँघरू को लाल रंग की मौली में पिरोकर और 7 गोमती चक्र को पीले कपडे में बाँधकर मुख्य दरवाजे के बीच में लटकाना चाहिए।

*- हर रोज घर के मुख्य द्वार को खुद ही धोना चाहिए। इससे घर में माता लक्ष्मी का प्रवेश होता है और घर के लोग निरोगी रहते हैं।

*- पुरे घर के फर्श को नमक और फिटकरी के पानी से धोना या पोछा लगाना चाहिए। घर के सभी दरवाजों और खिडकियों को सुबह होने के बाद खोल देना चाहिए।

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