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आपके जीवन की डूबती नैया हो जाएगी पार, अगर अप भी करेंगे सूर्यदेव के इन मन्त्रों का जाप

हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं के कई रूपों की पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म इकलौता ऐसा धर्म है जहाँ 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। लोग अपने मन की मुराद पूरी करने या जीवन के कष्टों से मुक्ति पानें के लिए ईश्वर का ध्यान करते हैं। कमाल की बात यह है कि लोगों की पुकार सुनते हुए भगवान व्यक्ति के जीवन के कष्टों को दूर करते हैं और मझधार में फंसी हुई उसकी नैया को पार लगाते हैं। हिन्दू धर्म में सूर्य देव को बहुत महत्व दिया गया है। कलयुग में यही एक देवता हैं, जो साक्षात दिखाई देते हैं।

हिन्दू धर्मग्रंथों और वेदों में सूर्यदेव को इस श्रृष्टि की आत्मा माना जाता है। अगर सूर्यदेव नहीं होते तो इस धरती पर जीवन संभव नहीं होता। यह बात सभी लोगों को पता है कि सूर्य की रौशनी से ही इस पृथ्वी पर भोजन, पानी, हवा संभव हो पायी है। यही वजह है कई सूर्य को देवता मानकर हिन्दू धर्म में उनकी पूजा की जाती है। सूर्यदेव को आरोग्य का देवता भी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति इनकी सच्चे मन से आराधना करता है, उसे जीवन में किसी भी रोग से पीड़ित नहीं होना पड़ता है।

धर्मशास्त्रों के अनुसार अगर सूर्यदेव की सच्चे मन से आराधना की जाए तो वह अपने प्रकाश से व्यक्ति के जीवन को रौशन कर देते हैं। वहीँ इसके उलट अगर किसी व्यक्ति के ऊपर सूर्य का अशुभ प्रभाव होता है तो उसके जीवन की नैया डूबने लगती और जीवन अंधकारमय हो जाता है। लेकिन सूर्यदेव के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए ज्योतिषशास्त्र में कुछ मन्त्रों के बारे में बताया गया है। इन मन्त्रों का जो भी व्यक्ति नियमित पाठ करता है, उसके जीवन की सभी मुश्किलें आसान हो जाती हैं।

करें सूर्यदेव के इन मन्त्रों का जाप:

*- संतान प्राप्ति के लिए:

हर किसी की चाहत होती है कि उसकी एक संतान हो, जो उसके वंश को आगे बढ़ाने का काम करे। लेकिन कई बार आसानी से संतान की प्राप्ति नहीं हो पाती है। जो दम्पति संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हों, उन्हें सूर्यदेव के इस मंत्र का नियमित पाठ करना चाहिए।

ऊं भास्कराय पुत्रं देहि महातेजसे।
धीमहि तन्नः सूर्य प्रचोदयात्।।

*- रोगों से मुक्ति पानें के लिए:

रोग व्यक्ति को कमजोर बना देते हैं। इसके बाद व्यक्ति का जीवन बहुत कष्टमय हो जाता है। नेत्र रोग, ह्रदय रोग, पीलिया, कुष्ट और अन्य असाध्य रोगों से मुक्ति पानें के लिए सूर्यदेव के इस मंत्र का नियमित जाप करें।

ऊं हृां हृीं सः सूर्याय नमः।।

*- व्यापार में वृद्धि के लिए:

अगर आपको अपने व्यापार में लगातार नुकसान उठाना पद रहा है तो चिंता करना छोड़कर रोजगार में वृद्धि के लिए नियमित सूर्यदेव के इस मंत्र का पाठ करें।

ऊं घृणिः सूर्य आदिव्योम।।

*- शत्रुओं पर विजय पानें के लिए:

हर व्यक्ति के जीवन में कोई ना कोई शत्रु होता है जो उसका हर समय बुरा चाहता है। अपने शत्रुओं पर विजय पानें और उनके नाश के लिए सूर्यदेव के इस मंत्र का जाप करें।

शत्रु नाशाय ऊं हृीं हृीं सूर्याय नमः

*– मनोकामना पूर्ण करने के लिए:

अपने जीवन की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हर व्यक्ति को प्रतिदिन सूर्यदेव के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

ऊं हृां हृीं सः।।

*- ग्रह दशा सुधारने के लिए:

अगर किसी व्यक्ति के ऊपर किसी ग्रह का बुरा साया पड़ जाए तो उसका जीवन परेशानियों से भर जाता है। ऐसे में इन ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचने के लिए सूर्यदेव के इस मंत्र का जाप करें।

ऊँ हृीं श्रीं आं ग्रहधिराजाय आदित्याय नमः।।

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