इन लेडी कमांडो की बहादुरी के आगे पस्त हो रहे नक्सलियों के हौसले, चलाती हैं सभी आधुनिक हथियार

जगदलपुर: इस समय देश में नक्सलियों की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गयी है। शांत तरीके से शुरू हुआ नक्सल मूवमेंट आज बहुत ही उग्र हो गया है। आये दिन नक्सली सेना और पुलिस को अपना निशाना बना रहे हैं। सरकार की नीतियों का विरोध करने के चक्कर में कई बार यह मासूम ग्रामीणों को भी अपना निशाना बना लेते हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में लाल आतंक सबसे ज्यादा फैला हुआ है। छतीसगढ़ सरकार के आगे सबसे बड़ी समस्या इस बात की बनी हुई है कि वह अंदरूनी हिस्सों में कैसे काम करवाए।

नक्सलियों से टक्कर लेने और गश्त लगाने में हैं माहिर:

जहाँ भी कंस्ट्रक्शन के लिए सामान और मशीने पहुँचती है, नक्सली उसे नुक्सान पहुंचा देते हैं। नक्सलियों के आतंक से तंग आकर बस्तर की कुछ लड़कियों ने फ़ोर्स ज्वाइन करके कमांडो की ट्रेनिंग ली। बस्तर के तीन जिलों में लगभग 180 लेडी कमांडो को तैनात किया गया है। सुकमा, बीजापुर और कांकेर में महिला कमांडो की तीन टुकड़ियों को तैनात किया गया है। ये लेडी कमांडो सडक कंस्ट्रक्शन को सुरक्षा देने में जितनी माहिर हैं उतनी ही नक्सलियों से जंगल में टक्कर लेने और गश्त लगाने में हैं।

अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा रही हैं लेडी कमांडो:

बस्तर की महिला कमांडो ने सबसे पहले हाथ में ए. के. 47 लेकर बीजापुर जिले के भैरवगढ़ ब्लॉक में सड़क कंस्ट्रक्शन का काम करवाया। इसके बाद महिला कमांडो ने कांकेर के मरौअती इलाके में सड़क कंस्ट्रक्शन को सुरक्षा दी। अब बारी है छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाके सुकमा की। वहां पोलमपल्ली में सड़क कंस्ट्रक्शन को पूरा करवाने के लिए हाथों में बंदूकें लेकर खड़ी हैं। महिला कमांडो अपने साथ ए. के. 47 रखने के साथ ही यूबीजीएल जैसे घातक हथियार भी रखती हैं। इन्हें जो भी जिम्मेदारी की गयी है, उसे यह बहुत अच्छे से निभाती हैं।

महिला नक्सली ऑपरेशन पर भेजने की हो रही तयारी:

आपको बता दें अभी पोलमपल्ली इलाके में 25 महिला कमांडो को तैनात किया गया है। वहां पर उन्हें इसी इलाके के जगरगुंडा मार्ग पर सड़क कंस्ट्रक्शन की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। जल्द ही इन लेडी कमांडो को महिला नक्सली ऑपरेशन पर भेजने की तैयारी की जा रही है। आधुनिक हथियारों से लैश ये महिला कमांडोज बहुत जल्द ही नक्सलियों को मैदान में भी टक्कर देने वाली हैं। अभी सड़क सुरक्षा में तैनात महिला कमांडो को देखकर नक्सलियों की हालत ख़राब है तो उस समय क्या होगा, आप खुद ही सोच लीजिये। सुकमा पुलिस ने बताया कि नक्सलियों की तरह की ट्रेनिंग देकर इन महिला कमांडो को भी नक्सल मोर्चे पर तैनात किया जा रहा है।

जवानों के ऊपर लग चुके हैं महिला नक्सलियों से छेड़छाड़ का आरोप:

जानकारी के लिए आपको बता दें पिछले एक दशक में महिला नक्सलियों ने हमले करके कई जवानों को मार डाला है। ये महिला नक्सली मारने के बाद हथियार भी लूटने में माहिर हैं। अक्सर महिला नक्सली जवानों की आँखों में धुल झोंककर उनके सामने से ही भाग जाती थीं। महिला नक्सलियों को पकड़ने के लिए जवान जहमत भी नहीं उठाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, अब लेडी कमांडो किसी तरह की रहम नहीं दिखाएंगी। कई बार महिला नक्सलियों को पकड़ने के बाद जवानों पर उनसे छेड़छाड़ का आरोप लग चूका है, अब ऐसा नहीं होगा।

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