राजनीति

जानलेवा बिमारी से मर रहा है देश का सबसे चहेता क्रिकेटर, इलाज के लिए योगी जी से मांगी मदद और….

लखनऊ – एक वक्त था जब क्रिकेटर आरपी सिंह टीम इंडिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करते थे। अब वो काफी समय से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं। लेकिन, आज फिर से वो सुर्खियों में है। वजह है युवा क्रिकेटर आदित्य पाठक के इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगना। दरअसल, क्रिकेटर आरपी सिंह ने अपने ही प्रदेश के युवा क्रिकेटर आदित्य पाठक के इलाज के लिए यूपी के मुख्यमंत्री आदित्य योगी नाथ से आर्थिक मदद देने कि अपील की है। देश के इस क्रिकेटर कि अपील को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के सीएम योगी आदित्य़नाथ के ऑफिस ने तुरंत जवाब देते हुए हर प्रकार कि सहायता देने कि बात कही है।

दरअसल, क्रिकेटर आरपी सिंह ने यूपी के युवा क्रिकेटर आदित्य पाठक के इलाज के लिए एक ट्वीट के जरिए योगी से मदद की अपील की थी। आदित्य पाठक की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं और वो जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। आपको बता दें कि आदित्य पाठक उत्तर प्रदेश के 25 साल के युवा क्रिकेटर हैं, जो पाली उमरीगर ट्राफी जैसे टूर्नामेंटों में यूपी की ओर से खेल चुके हैं। वहीं क्रिकेटर आरपी सिंह भी एक समय टीम इंडिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रह चुके हैं।

आदित्य पाठक

आरपी सिंह साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। आरपी सिंह ने अंडर-16 पाली उमरीगर ट्रॉफी खेल चुके आदित्य पाठक की किडनी के इलाज के लिए मदद की अपील की है, जो इस वक्त जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं। सीएम योगी से अपील करने से पहले भारतीय तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने अपनी ओर से भी उनकी आर्थिक कि है। और वो अब दूसरे से भी मदद करने की अपील कर रहे हैं। आदित्य पाठक के घर की आर्थिक स्थिती ठीक नहीं है और वो अपने इलाज के लिए पैसे नहीं जुटा पा रहे हैं।

आरपी सिंह ने आदित्य पाठक के इलाज के लिए एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है – ‘यूपी के युवा क्रिकेटर आदित्य पाठक की सहायता करें, इनकी दोनों किडनियां खराब हो गई हैं और वह दिल्ली अपोलो हॉस्पिटल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं।’

 

आरपी सिंह के इस ट्वीट पर जल्द जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि – ‘कृपया उनका (आदित्य) पता और फोन नंबर शेयर करें, साथ ही अस्पताल के खर्चे का एक एस्टीमेट भी शेयर करें। हर मुमकिन सहायता करने की कोशिश की जाएगी।’  

आरपी सिंह ने अपने इस कदम से सबको बता दिया कि वो टीम इंडिया का हिस्सा न होते भी एक असली हीरो कि तरह लड़ रहे हैं।

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