पति को देखना चाहती थी मरने से पहले, महिला की कहानी जानकर आप भी रो पड़ेंगे

जब किसी स्त्री की शादी होती है तो वह दिन उसकी जिंदगी का सबसे खुशी का दिन होता है. शादी में लिए गए हर एक फेरों का अपना अलग महत्व है और ऐसा भी बताया जाता है कि इसमें पति-पत्नी 7 जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा करते हैं. लेकिन अगर पत्नी अपनी जिंदगी के आखिरी पलों को गिन रही हो और पति उसकी तरफ नजर फेरना भी दुश्वार समझने लगे तो उस स्त्री के दिल पर क्या बीतेगी, यह केवल एक अबला नारी ही समझ सकती है. आज एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एक पत्नी ने जिल्लत भरी जिंदगी में मौत से ज्यादा पति का रास्ता देखती रही.लेकिन उसके सामने कभी पति की परछाई भी नही आई और वो मौत की नींद में सो गई. चलिये जानते हैं इस हैरान कर देने वाले मामले के बारे में जिसने इंसानियत के साथ-साथ पति और पत्नी के रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया…

दरअसल यह मामला बिहार के पटना जिले में राजेन्द्रनगर रोड का है. जहां मिली सरकार नामक महिला 50 वर्ष के उम्र के पड़ाव पर पहुंच चुकी थी. अपनी इस लाचार जिंदगी में वह उस पति को याद कर रही थी जिसने कभी सातों जन्म तक साथ निभाने का वादा कर उसे अपनी जिंदगी में अपनाया था.शुरुआत में उनकी जिंदगी बड़ी रफ्तार से खुशियों के साथ चल रही थी. जब घर मे 2 बेटियों ने जन्म लिया तो उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा. पति का नाम ए .के सरकार जो कि बिहार के आयुर्वेदिक कॉलेज के पैथोलॉजिस्टका कार्यभार संभाल रहे हैं. लेकिन उनके शादीशुदा जिंदगी को पता नही किसकी नजर लग गयी और पति ने शराब में लिप्त रहना शुरू कर दिया. सिर्फ इतना ही नही बल्कि उसने एक पराई औरत के साथ संबंध भी बना लिए जिसके कारण दोनो असमय अलग हो गए.

इधर माँ ने अपनी बेटियों में पालन-पोषण में कोई कसर नही छोड़ी और उनका एडमिशन दिल्ली यूनिवर्सिटी में करवाया. पढ़ाई खत्म होने के बाद बेटियों को जॉब मिल गयी और दोनो ने वहीं रहने का फैसला किया. मिली को जब अपने पति के बुरी आदत और अफेयर के बारे में पता चला तो उसे काफी दुख हुआ. लेकिन इस बात की शिकायत करना उसने कभी ठीक नहीं समझा. जब मिली ने अपने पति को गलत आदत छोड़ने को कहा तो उसने दुत्कार कर दूसरी महिला का हाथ थामा और फुलवारीशरीफ नामक जगह पर फ्लैट लेकर दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा.

हर माँ की तरह मिली को भी अपनी बेटियों की शादी की चिंता सताने लगी और उसने दोनो का ब्याह भी कर दिया लेकिन इतनी खुशियां मिलने के बाद भी वह उस जख्म को नही भुला सकी जो उसके पति ने दिया था. घर पर अकेली रहने से दिन ब दिन उसकी सेहत बिगड़ती जा रही थी और नौबत यह आ गयी कि बेटियों ने माँ की सेवा के लिए नौकरानी को रख दिया. इसके बावजूद भी वह एक गंभीर बीमारी से ग्रसित थी जिस वजह से वो बिस्तर से उठ भी नही पाती थी. नौकरानी के चले जाने के बाद भी वह दर्द से कराहती रहती लेकिन कोई उसकी मदद के लिए नही आता था और आखिरकर एक दिन उसके सबर का बांध टूटा और उस ने दम तोड़ दिया.

अचानक मिली के मौत हो जाने के बाद लोगो ने यह खबर उसके पति ए.के सरकार तक पहुंचाई लेकिन उसने आने से साफ इनकार कर दिया. सिर्फ इतना ही नही बल्कि उसने अपनी जगह एक दोस्त को भेजा और पत्नी का शव कॉफिन में रख देने को कहा. इसके बाद उसने अपना सेलफोन भी ऑफ कर लिया लेकिन पत्नी का दाह-संस्कार करने नही गया। पड़ोसियों को इस बात की खबर होने पर उन्होंने नजदीकी पुलिस थाने को इस बारे में सूचना दी.

पुलिस मौके पर पहुंचकर पहले उसके पति को फ़ोन किया लेकिन बन्द आ रहा था. थानाध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि फिर दोनो बेटियों को खबर की गई तो बेटी और दामाद पहुंच गए. हालांकि दोनों बेटियों को आने में 2 दिन का वक़्त लग गया क्योंकि शीत की वजह से ट्रेन बहुत लेट थी. इस तरह 3 दिन तक लावारिस हालत में वह लाश पड़ी रही पर इंसानियत का इस तरह गला घोंट देने वाला पति उन सारे वादों को भूल गया जो उसने शादी के वक़्त की थी.

आज मिली सरकार की यह रूह कंपा देने वाली कहानी आपके लिए नया नही होगा क्योंकि ये हर घर की कहानी बन चुकी है. दुख तो तब होता है कि जिसके भरोसे कोई स्त्री अपना घर-बाड़ छोड़ एक अनजाने शख्स के साथ जिंदगी गुजारने के वचन लेती है, वहीं उसको बीच मजधार में  तरसयोग हालत में छोड़कर चला जाता है और वापस मुड़कर भी नही देखता.