जब नेतन्याहू की पत्नी ने मोदी जी को गले लगाने के लिए बढ़ाया हाथ, देखिए मोदी जी ने क्या किया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत में छह दिवसीय दौरे पर आए हुए हैं। रविवार को पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को रिसीव किया  .. लेकिन पीएम मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मुलाकात पर विपक्षी पार्टी सवाल उठा रही है ..वैसे  हम आपको जिस वाक्ये के बारे में बता रहे हैं उसे जानने और देखने के बाद पीएम मोदी के विरोधियों के साथ सबकी बोलती बंद हो जाएगी।

दरअसल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के स्वागत के लिए रविवार को पीएम मोदी खुद प्रोटोकॉल तोड़कर पालम एयरपोर्ट पहुंचे थें। दोपहर 1.30 के करीब जब नेतन्याहू विमान से उतरें तो पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया और फिर दोनों नेताओं ने एक साथ हाथ उठाकर अपने प्रगाढ़ रिश्तों का संकेत दिया ,जिसके बाद वे दिल्ली के तीन मूर्ति मार्ग के लिए रवाना हो गए.. लेकिन एयरपोर्ट पर पीएम मोदी और नेतन्याहू के मुलाकात के दौरान ऐसा भी कुछ हुआ जिस पर अधिकांश लोगों का ध्यान नही गया।

दरअसल, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत दौरे पर अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ आएं हैं और कल यानी रविवार को एयरपोर्ट पर इन दोनो के स्वागत के दौरान पीएम मोदी, बेंजामिन नेतन्याहू को गले लगाने के बाद सारा नेतन्याहू से मुलाकात करने के लिए आगे बढ़े। तभी सारा नेतन्याहू ने भी पीएम मोदी को गले लगाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया। लेकिन पीएम मोदी ने सारा का हाथ थाम लिया और अपनी भारतीय संस्कृति का परिचय देते हुए उन्हें गले नहीं लगाया। वैसे मोदी ने सारा नेतन्याहू से गर्मजोशी से हाथ मिलाया और थोड़ी देर बातचीत भी की। इसके बाद बेंजामिन नेतन्याहू और मोदी ने एक साथ अपने हाथ उठाकर दोनों देशों की दोस्ती का संकेत दिया। फिर दिल्ली के ऐतिहासिक तीन मूर्ती चौक को ‘हाइफा’ नाम से जोड़कर दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती दी।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने दौरे के दूसरे दिन यानी सोमवार को पीएम मोदी के साथ दिल्ली के हैदराबाद हाउस पहुंचे , जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान भारत और इजरायल के बीच साइबर सुरक्षा, साइंस और टेक्नॉलजी सहित 9 क्षेत्रों में अहम समझौते हुए। हालांकि इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को राष्ट्रपति भवन में गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया, फिर वहां से वो राजघाट के लिए रवाना हुए। राजघाट पहुंचकर नेतन्याहू ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उसके बाद वहां से द्विपक्षीय वार्ता के लिए हैदराबाद हाउस की ओर चल दिए।

आपको बता दें कि गॉर्ड ऑफ ऑनर के दौरान मीडिया से बातचीत में पीएम नेतन्याहू ने कहा कि शांति और खुशहाली के लिए दोनों देशों में साझेदारी होना बेहद अहम है.. ये दोस्ती दोनों देशों में शांति लाएगी। मीडिया वार्ता में नेतन्याहू ने कहा कि पीएम मोदी के इजरायल दौरे से इस दोस्ती की शुरुआत हुई है।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई के महीने में पीएम मोदी इजरायल की यात्रा पर गए थे और ऐसे में दोनो देशों के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद पीएम मोदी इजरायल जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। उस समय नेतन्याहू ने मोदी का बहुत गर्म जोशी से स्वागत किया था और  हिंदी भाषा में बेंजामिन ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी से कहा था, ‘आपका स्वागत है मेरे दोस्त’। ज़ाहिर है पीएम मोदी के विरोधी चाहें कुछ भी कहें लेकिन ये मोदी के आकर्षक व्यक्तित्व का ही असर है कि आज सभी देश के शाषक भारत के साथ मित्रता बढ़ाना चाहते हैं ।

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