बीवी ने नॉनवेज खाने से रोका तो डॉक्टर ने उठाया खौफनाक कदम, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

मामला लखनऊ का है जिसे मुगलई खाने और नवाब शानोशौकत के लिए जाना है। यहां बनी बिरयानी खाने के लिए दूर देश से लोग खिंचे चले आते हैं। लेकिन बीते दिनों यहां बिरयानी खाने के शौक की वजह से एक ऐसी दुखद घटना हुई जिसको सुनने के बाद तो लोगों के दांतों तले उंगली दबा ली। आखिर ऐसी भी क्या बिरयानी की जिद की हस्ती खेलती जिन्दगी और परिवार बर्बाद हो जाए।

लखनऊ के गोमती नगर में रहने वाले शाहजहांपुर के मूल निवासी डॉ. उमाशंकर गुप्ता, राजधानी के फातिमा अस्पताल में स्किन स्पेशलिस्ट थे और साथ ही विजयंतखंड में निजी क्लीनिक भी चलाते थे।उमाशंकर की पत्नी दीप्ति अग्रवाल सेल्स टैक्स में असिस्टेंट कमिश्नर हैं। हुआ यूं कि 11 जनवरी को डॉक्टर उमाशंकर रात में क्लीनिक से घर आए थे। वह अपने साथ नॉनवेज यानी बिरयानी लेकर आए थे। उन्होंने पत्नी से खाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। जिसके बाद पति ने बेटी आद्या के साथ नॉनवेज बिरयानी खानी शुरु कर दी। जिसे देखकर पत्नी दीप्ति ने नाराजगी जताई। क्योंकि दीप्ति शाकाहारी हैं।

इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इस दौरान बहस के बाद उमाशंकर सोने चले गए, वहीं दीप्ति टीवी देखने लगी। कुछ देर बाद जब वो सोने के लिए कमरे गईं तो दरवाजा अंदर से बंद था। जिसके बाद दीप्ति ने क्लीनिक के कंपाउंडर हेमंत पांडे और पड़ोसी आर्यन सिंह को बुलाया और मामले की जानकारी पुलिस को दी । पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में दाखिल होने के बाद पुलिस ने देखा की उमाशंकर का शव पंखे से झूल रहा था। परिजन उमाशंकर को पास के एक हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि आगरा के एक सरकारी अस्पताल में तैनात डॉ. उमाशंकर ने अपनी पत्नी की सलाह पर ही नौकरी छोड़ दी थी और गोमतीनगर में निजी प्रैक्टिस करने लगे थे। वह फातिमा अस्पताल में भी स्किन के डॉक्टर थे, लेकिन कुछ दिनों से नहीं जा रहे थे। पुलिस की छानबीन में आया है कि पारिवारिक बातों को लेकर वह एक माह से उलझन में थे।

डॉ. उमाशंकर ने बेटी आराध्या की देखरेख के लिए एक आया रखी थी। दंपती ने एहतियातन पूरे घर में सीसीटीवी कैमरे भी लगवा रखे हैं। पुलिस ने पड़ताल की तो सीसीटीवी फुटेज में उमाशंकर कमरे में खुद ही जाते नजर आए हैं, इसलिए पुलिस उनकी मौत को खुदकुशी ही मान रही है।

पुलिस के अनुसार उमाशंकर गुप्ता व दीप्ति ने एक साथ ही ग्रेजुएशन किया था। जहां दोनों में प्रेम प्रसंग शुरु हो गया। ग्रेजुएशन के बाद उमाशंकर ने एमबीबीएस और फिर एमडी किया । डाक्टर होने के बाद करीब छह साल पहले उन्होंने दीप्ति से शादी कर ली। शादी के बाद उमाशंकर ससुराल में ही आकर रहने लगे। उमाशंकर के कहने पर शादी के बाद दीप्ति ने पढ़ाई पर ध्यान दिया और पीसीएस परीक्षा पास की। वर्तमान में वह वाणिज्यकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हैं।