नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को बना लिया जाता था बंधक और करवाया जाता था उनसे ये घिनौना काम

मेरठ: भले ही आज लड़कियों की सुरक्षा और उन्हें जागरूक बनाने के लिए कितने उपाय क्यों ना किये जा रहे हों, लेकिन सच्चाई यह है कि आज भी कहीं-कहीं लड़कियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है। भारत में जहाँ एक तरफ महिलाओं को देवी का दर्जा सदियों से दिया गया है, वहीँ एक तरफ समाज महिलाओं को पैर की जूती और उपभोग की वस्तु भी समझता है। आज भी ना जानें कितनी ही महिलाएँ और नाबालिग लड़कियाँ मज़बूरी में वेश्यावृत्ति के दलदल में फांसी हुई है।

ऐसा नहीं है कि इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। पुलिस भी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है। लेकिन कमाई के चक्कर में अपने मुँह पर ताला लगाये हुए बैठी है। हाल ही में पुलिस ने कार्यवाई करते हुए एक एनजीओ की सूचना के बाद शहर के रेड लाइट एरिया में एक कोठे पर छापा मारा। इस अभियान में 4 लड़कियों को मुक्त करवाया गया। आरोप है कि कोठे की मालकिन नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार का धंधा करवाती थी। पुलिस ने कोठे की मालकिन को हिरासत में ले लिया है।

एनजीओ फ्रीडम फर्म के सुरेन्द्र ने बताया कि उन्हें इस बात की सूचना मिली थी कि रेड लाइट एरियों में नाबालिग लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर लाया जाता है। उसके बाद उन्हें यहाँ बंधक बना लिया जाता है और फिर उनसे देह व्यापार का काम करवाया जाता है। काफी जानकारी इकठ्ठा करने के बाद पता चला कि यहाँ के एक कोठे पर कुछ नाबालिग लडकियाँ हैं। इसके बाद उन्होंने एसपी सिटी मान सिंह चौहान को इस बात की जानकारी दी।

एसपी सिटी ने ब्रह्मपुरी और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की टीम के साथ शहर के कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया में छापा मारा। एनजीओ की टीम के साथ मिलकर पुलिस ने यहाँ से 4 नाबालिग लड़कियों को मुक्त करवाया और कोठे की मालकिन विमला को भी हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार पता चला है कि कोठे से मुक्त करवाई गयी चारो लड़कियाँ राजस्थान की रहने वाली हैं। पुलिस और एनजीओ की टीम लड़कियों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।

एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने कहा कि छापेमारी में कोठे की संचालिका को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस समय उससे पूछताछ की जा रही है। इस मामले की जाँच की की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के ऊपर उचित कार्यवाई की जाएगी। छुड़ाई गयी लड़कियों को अभी महिला थाने के हवाले कर दिया गया है। पहले इनका मेडिकल करवाया जायेगा। उसके बाद आगे की कार्यवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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