मुंबई: भीमा-कोरेगाँव में भड़की दलित-मराठा हिंसा के बाद से पुरे प्रदेश में अशांति फैली हुई है। वहीँ इस हिंसा के बाद देश की राजनीति भी गर्मा गयी है। अब विपक्ष को पीएम मोदी को घेरने का एक और मौका मिल गया है। पीएम मोदी इस हिंसा के बाद से चुप हैं और उनकी चुप्पी भी सवालों के घेरे में आ गयी है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर के पोते और दलित नेता प्रकाश अम्बेडकर ने इस पुरे मामले पर पीएम मोदी को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने दावा किया है कि इस हिंसा के आरोपियों में से एक संभाजी भिंडे भी हैं, जो पीएम मोदी के गुरु सामान मानें जाते हैं।

महाराष्ट्र में फैली जातीय हिंसा पर पीएम मोदी से जवाब की माँग की है। बुधवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने लोकसभा में इस मुद्दे पर पीएम मोदी से बयान देने की माँग की थी। मल्लिकार्जुन की बातों की सराहना करते हुए प्रकाश अम्बे डकर ने कहा कि, पीएम को यह बात पता होनी चाहिए कि उन्होंने जिस व्य्क्ति को उन्होंेने अपना गुरु घोषित किया था, वह देश में अराजकता पैदा करने में जुटे हुए हैं। खडगे ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि, इस तरह के मुद्दों पर मोदी मौनी बाबा बन जाते हैं और कुछ बोलते नहीं हैं।

लेकिन इस बार वह चुप नहीं रह सकते हैं। उन्हें महराष्ट्र हिंसा पर अपना बयान देकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। प्रकाश अम्बेडकर ने आगे कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले ही उन्हें यह जवाब देना होगा कि क्या वह देश में अराजकता फैलाने वाले उस गुरु में विश्वास करते हैं। इसलिए मैं पीएम मोदी से अनुरोध करता हूँ कि वह लोकसभा में अपना बयान देकर स्पष्ट करें। भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा मामले में श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के संस्थापक संभाजी भिडे और हिंदू एकता अघाड़ी मिलिंद एकबोटे पर पुणे के पिंपरी पुलिस स्टेशन में केस दायर किया गया है। आपको बता दें 85 वर्षीय भिड़े आरएसएस के प्रचारक हैं।

संभाजी ने न्यूक्लियर फिजिक्स में एमएससी किया हुआ है और पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज में प्रोफ़ेसर रह चुके हैं। 1980 में उन्होंने श्री शिव प्रतिष्ठान नाम की एक संस्था बनायी। भिडे को सतारा, सांगली और कोल्हापुर इलाके में भिडे गुरु के नाम से जाना जाता है। इन्हें साइकिल से चलना बहुत पसंद है। इनकी संस्था का मुख्य काम लोगों को शिवाजी महाराज के बारे में बताना है। इनके भाषणों में साफतौर पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ ज़हर देखा जा सकता है। 56 वर्षीय मिलिंद एकबोटे का पूरा परिवार आरएसएस के जुड़ा हुआ है। प्रकाश अम्बेडकर ने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई की माँग की है।

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