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काल्पनिक नहीं हकीकत में होते थे ड्रैगन, जानिए ड्रैगन के अद्भुत मंदिर के बारे में

आपने ड्रैगन के बारे में कई बार सुना, देखा या पढ़ा होगा। ड्रैगन के ऊपर हॉलीवुड में कई फ़िल्में भी बन चुकी हैं। फिल्मों को देखकर लगता है कि ड्रैगन किस तरह का होता होगा। हालांकि अभी तक किसी ने ड्रैगन को अपनी आँखों से नहीं देखा है। इसे लोग एक कल्पना ही मानते हैं, जबकि कुछ लोग ड्रैगन के अस्तित्व को हकीकत मानते हैं। चीन में ड्रैगन की पूजा भी की जाती है। ड्रैगन को विशालकाय जानवर के रूप में जाना जाता है, जो उड़ता और आग उगलता है।


आग उगलते ड्रैगन के बारे में कई कहानियाँ भी मिलती हैं। ड्रैगन को लगभग हर फिल्म में अच्छे रूप में ही दिखाया गया है। कुछ ड्रैगन ही ख़राब होते हैं। ड्रैगन को अझदहा या अजदहा नाम से भी जाना जाता है। हालांकि इसके अस्तित्व पर आज भी लोग तरह-तरह के सवाल उठाते रहते हैं। लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि एक समय ऐसा भी था जब पृथ्वी पर ड्रैगन हुआ करते थे। चीन और थाईलैंड की संस्कृति में ड्रैगन के बारे में खूब वर्णन मिलता है।

चीन और थाईलैंड में जगह-जगह पर ड्रैगन के चित्र और मूर्तियाँ भी बनी हुई देखी जा सकती हैं। आज हम आपको ड्रैगन के एक ऐसे अद्भुत मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आपको यकीन हो जायेगा कि यह केवल एक कल्पना ही नहीं हो सकती है। जरुर इसका कुछ न कुछ हकीकत से वास्ता रहा होगा। भारत के कुछ हिस्सों में भी अजदहा से सम्बंधित हिन्दू और बौद्ध धार्मिक आस्थाएं प्रचलन में हैं।


मणिपुर राज्य में पाखंगबा एक प्रकार के दिव्य-प्राणी का मंदिर है जिसे वे देवता मानते हैं। इस मंदिर में स्थापपित इस देवता का स्वरूप बिलकुल ड्रैगन जैसा है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी एक ऐसा ही अद्भुत मंदिर है। इस मंदिर की बहरी आकृति बिलकुल ड्रैगन की तरह है। यह मंदिर बैंकॉक से मात्र 40 किमी की दूरी पर स्थित है। मंदिर के अन्दर भगवान बुद्ध की भी मूर्तियाँ मौजूद हैं। स्थानीय निवासी इस जगह को बहुत पवित्र मानते हैं और त्यौहार के समय पूजा-अर्चना करते हैं।

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