भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं, देश के सबसे बड़े 2जी घोटाले पर आज हो सकता है कोर्ट में फैसला

नई दिल्ली: भारत एक बहुत बड़ा लोकतान्त्रिक देश है। भारत की आजदी के लिए सभी ने मिलजुलकर लड़ाई लड़ी, लेकिन जैसे ही भारत आजाद हुआ खुद ही इसे लूटने में लग गए। जी हाँ आजदी के कुछ सालों तक तो देश की हालत ठीक रही फिर देश में जैसे भ्रष्टाचारों की बाढ़ आ गयी। आये दिन किसी ना किसी घोटाले के बारे में सुनने को मिलता है। देश में घोटाले इतने बढ़ गए हैं कि लोगों की आम जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही हैं।

जो पैसा देश के विकास में लगना चाहिए, उन पैसों से नेता अपनी जेब गर्म कर रहे हैं। इसकी वजह से देश में ना ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल पा रही हैं और ना ही अच्छी शिक्षा। आप देश के सबसे बड़े 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के बारे में तो जानते ही होंगे। कांग्रेस के राज में हुआ यह अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है। यह लगभग 2 लाख करोड़ रूपये का घोटाला था। अभी तक इसके दोषियों को सजा मिली नहीं है।

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में विशेष अदालत गुरुवार को अपना फैसला सुना सकती है। इस बड़े घोटाले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, द्रमुक सांसद कनिमोझी, रिलायंस धीरुभाई अम्बानी समूह, यूनिटेक लिमिटेड, डीबी रियल्टी और अन्य लोगों पर आरोप हैं। आपको बता दें सीबीआई द्वारा पहला आरोप पत्र दाखिल करने के बाद 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की सुनवाई आज से छः साल पहले शुरू हुई थी। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से सम्बंधित सभी मामलों की सुनवाई विशेष न्यायधीश ओपी सैनी कर रहे हैं।

सीबीआई की तरफ से दो मामले दायर किये गए हैं जबकि प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से एक मामला दायर किया गया है। सीबीआई द्वारा दायर किये गए पहले मामले में ए. राजा और कनिमोझी के अलावा दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के पूर्ववर्ती निजी सचिव आरके चंडोलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के तीन शीर्ष कार्यकारी गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा तथा हरिनायर पर केस चल रहा है।

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