पीएम नरेंद्र मोदी की एक सबसे बड़ी खूबी है, वो किसी भी मौके पर चूकना नहीं चाहते, खास कर जब बात रिश्ते निभाने की हो। वो हर मौके को  इतना बड़ा बना देते हैं, की सामने वाले को उसका अहसास तक नहीं होता। मदन मोहन मालवीय से लेकर सरदार पटेल तक सभी को इतना बड़ा बना दिया है। कि आज लोग उनके बारे में पढ़ना और जानना चाहते हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी किसी का सम्मान करना नहीं भूलते। बल्कि अब वो अपने से बड़ों का जब जन्म दिन या कोई दिवस मनाते हैं तो उसे एक महोत्सव या यूं कहें कि एक त्यौहार बना देते हैं। ऐसा ही होने वाला है इस बार 25 दिसंबर को । आप सोच रहे होंगे कि 25 दिसंबर को तो क्रिसमस हैं, लेकिन इस दिन मोदी क्या करने वाले हैं। तो हम आपको बता दें कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई का जन्मदिन है। जिसको मोदी एक बड़े जश्न के रूप में मनाना चाहते थे। लेकिन इस जश्न से पहले ही एक अनहोनी हो गई। जिससे पीएम का गिफ्ट खराब हो गया। जी हैं ये सच है, मोदी जिस गिफ्ट को अटल बिहारी जी को देना चाहते थे वो इस हालात में पहुंच गई। कि गिफ्ट के इस हाल में पहुंचने की सच्चाई जानने के लिए एक कमेटी गठित कर जांच करानी पड़ रही है।

दरअसल करीब 15 साल पहले सन 2002 में जब अटल बिहारी बाजपेई जी प्रधानमंत्री थे तो उन्होने दिल्ली को मेट्रो के रूप में एक गिफ्ट दिया था। आज जब की पंद्रह साल पूरे हो चुके हैं, और अब लगातार मेट्रो इतिहास लिख रही है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी अटल बिहारी बाजपेई को बॉटेक्कनिकल गार्डन से लेकर कालिंदी कुंज तक चलने वाली मेट्रो का गिफ्ट अटल बिहारी बाजपेई जी के जन्म दिन पर दिल्ली वालों को देने वाले थे। लेकिन मंगलवार यानी 19 दिसंबर को एक हादसे ने मोदी के मेट्रो गिफ्ट के साथ अमंगल कर दिया। हुआ ये कि ट्रायल के दौरान मेट्रो दीवार तोडकर बाहर निकल गई।

इस लाइन पर पिछले 6-7 महीनों से ट्रेनों का ट्रायल किया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ट्रायल के बाद जब ट्रेन को मेंटेनेंस के दौरान वाशिंग के लिए शेड में लाया गया, तो यहां ट्रेन स्लोप पर बने ट्रैक से आगे बढ़ गई और दीवार से जा टकराई। इससे दीवार टूट गई और मेट्रो दीवार के बाहर जा पहुंची। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। वहीं इस मामले में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

वहीं, डीएमआरसी ने एक बयान जारी कर कहा कि यह हादसा मानवीय भूल का नतीजा है, क्योंकि मेंटेनेंस के दौरान ट्रेन के ब्रेक डिसेबल कर दिए जाते हैं और शेड से बाहर निकालते वक्त फिर से ब्रेक को एक्टिवेट किया जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हो पाया और ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। दिल्ली सरकार ने रिपोर्ट तलब की है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट कर बताया कि कालकाजी-बोटेनिकल गार्डेन ट्रैक पर ट्रायल रन के दौरान चालक रहित मेट्रो ट्रेन के हादसे का शिकार होने पर डीएमआरसी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

नोएडा से साउथ दिल्ली की दूरी कम करने वाली दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का उद्घाटन क्रिसमस के मौके पर पीएम मोदी करने वाले हैं। 25 दिसंबर से मैजेंटा लाइन के एक सेक्शन में ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। मेट्रो बोटेनिकल गार्डेन से शुरू होकर कालकाजी मंदिर तक जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.