ओखी तूफान बना गुजरात चुनाव प्रचार के रास्ते में रोड़ा,मोदी से लेकर राहुल गाँधी तक की जनसभाए रद्

अहमदाबाद: गुजरात में चुनावी माहौल काफी गर्म है। गुजरात में जगह-जगह पर हर पार्टी चुनाव प्रचार में लगी हुई है, लेकिन ओखी चक्रवात ने चुनाव प्रचार पर लगाम लगा दी है। जानकारी के अनुसार यह चक्रवात मंगलवार को सूरत के दक्षिणी तट तक पहुँच चुका था। उम्मीद थी कि यह मध्यरात्रि तक गुजरात में दस्तक दे सकता था। आज पीएम मोदी की सूरत में जनसभा होनी थी, तूफ़ान को ध्यान में रखते हुए उसे रद्द कर दिया गया। साथ ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सौराष्ट्र के राजुला, महुवा और शिहोर में जनसभा को रद्द कर दिया गया।

कांग्रेस भी गुजरात में जमकर चुनाव प्रचार कर रही है। राहुल गाँधी की ध्रांगध्रा, वढवाण व सुरेंद्रनगर में जनसभाएं होनी थी, उसे भी रद्द कर दिया गया है। ओखी का सबसे ज्यादा असर दक्षिणी गुजरात और सौराष्ट्र में है। अहमदाबाद, भरूच, सूरत, जूनागढ़, राजकोट, वडोदरा, नवसारी, दाहोद, नर्मदा, तापी, डांग, अरावली, पंचमहाल सहित नौ जिलों व 31 तहसील में ओखी चक्रवात का असर देखा जा सकता है। घोघा दाहेज रो रो फेरी की सेवाओं को चक्रवात की वजह से दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।

केरल और तमिलनाडु के तटों से ओखी के टकराने की वजह से अब तक 39 लोगों के मारे जाने की सूचना है। दोनों राज्यों के कुल 167 मछुवारे अभी तक लापता हैं। लक्ष्यद्वीप में 33 घरेलू और विदेशी पर्यटक सुरक्षित बताये जा रहे हैं। वहीँ 250 मछुवारे भी सुरक्षित पहुँचने में कामयाब हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पूर्वी एवं पक्षिमी तटों के मछुवारों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में ना जाने की सलाह भी दी है।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के मछुआरों को छह से आठ दिसंबर तक, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दक्षिणी गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है। पीएम मोदी ने कहा कि वह ओखी चक्रवात की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न स्थितियों पर लगातार अपनी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने ट्वीट करके बताया कि सभी सम्बद्ध प्राधिकरण और अधिकारीयों से उन्होंने बात की है। प्रभावितों की हर संभव मदद भी की जा रही है।

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