पिता राहुल द्रविड़ से दो कदम आगे निकला बेटा, अर्जुन तेंदुलकर भी न कर सके उसके जैसा

समय कितनी तेजी से चलता है ये आज ये पता चलता है कल तक जिन क्रिकेटरों के बारे में हम चर्चा करते नहीं थकते थे। आज उनके बच्चे भी कम चर्चा में नहीं है। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर क्रिकेट की पिच पर अपनी तेज गेंदबाजी से दम दिखा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ हमेशा शांति के साथ क्रिकेट की टीम के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राहुल द्रविड के बेटे समित द्रविड धीरे धीरे पिता की तरह ही नाम कमा रहे, हालांकि कुछ अंतर भी है राहुल जहां टिकाऊ और मजबूत पारी के लिए जाने जाते थे, वहीं समित धुआंधार बैंटिंग करने के लिए जाने जाते हैं।

 

सचिन तेंदुलकर की तरह उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर से सबको उम्मीद थी की वो धाकड़ बल्लेबाज बनेंगे लेकिन आज वो अपनी बॉलिंग के लिए सुर्खियों में हैं। लेकिन सचिन के साथी और कभी स्टाईलिस्ट बल्लेबाजी के लिए दुनिया जहान में जाने जाने वाले राहुल द्रविड़ का बेटा भी खूब नाम कमा रहा है। राहुल द्रविड़ का बेटा समित पिता की तरह सौम्य और शांत हैं। लेकिन आतिशी पारियों के लिए जाना जाता है। हम आपको राहुल के बेटे समित की कुछ उपलब्धियों और क्रिकेट के प्रति उनते जुनून के बारे में बताने जा रहे हैं।

पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को क्रिकेट इतिहास का तकनीकी रूप से सबसे सक्षम बल्लेबाज माना जाता है. अपने लंबे करियर में जेंटलमैन क्रिकेटर ने अनेक यादगार पारियां खेली हैं। राहुल का व्यवहार, तकनीक और क्रिकेक के प्रति उनका समर्पण उन्हें सभी जानते हैं। दुनिया में बहुत से युवा क्रिकेटर राहुल को अपना आदर्श मानते हैं। टेस्ट क्रिकेट में ‘द वाल’ को शायद की कोई भूला हो। तीसरे नंबर के बल्लेबाज का जिक्र होता है तो राहुल का नाम सबसे ऊपर आता है।

राहुल ने टीम इंडिया को हमेशा संकट से उबारा है। ऐसे में आपको ये जानकार खुशी होगी कि अब राहुल द्रविड़ का बेटा समित द्रविड़ भी क्रिकेट की पिच पर कदम रख चुका है और धीरे धीरे पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए आगे बढ़ रहा है। समित दाएं हाथ का बल्लेबाज हैं और विस्फोटक बल्लेबाजी कर सुर्खियों में है।

हाल ही में समित अंडर 12 गोपाल क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया। माल्या अदिति इंटरनेशनल स्कूल की तरफ से खेलते हुए समित ने तीन अर्धशतक ठोंके थे। जिनमें 77, 93 और नाबाद 77 की पारी शामिल है।

साल 2016 के अप्रैल में समित द्रविड़ ने अंडर 14 के एक मैच में 125 रनों की पारी खेली। इसमें 22 चौके और एक छक्का शामिल था।  समित द्रविड़ नेट पर अधिकांश समय बिताते हैं, और हेल्दी डाइट चार्ट का सख्ती से पालन करते हैं, और अपने पिता की तरह ही अनुशासित जीवन शैली अपनाते हैं।

एक बार विस्डन इंडिया से द्रविड़ ने कहा था, ”मैं समित को बहुत ज्यादा कोच नहीं करता. मैं चाहता हूं कि वह अपने खेल का आनंद अपने तरीके से उठाए. इस समय वह बहुत से अलग तरह के शॉट्स खेलता है.”

श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने समित को क्रिकेट खेलता देखा है, उनमें राहुल की झलक साफ दिखाई पड़ती है.

जाना पहचाना नाम और खास होने के बाद भी समित को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिलता। पिता राहुल द्रविड़ ने कोच और स्कूल प्रशासन को कह रखा है की समित का चयन केवल मैरिट के आधार पर ही हो।

समित द्रविड़ पिता की तरह स्टाईल और मौकों की तलाश में नहीं रहता बल्कि गेंद को ज्यादा जोर से हिट करने में यकीन रखता  है। खुद पिता राहुल ने एक बार कहा भी था कि समित की बल्लेबाजी के स्टाइल से कोई परहेज नहीं है। वह अपना स्टाइल चुनने और शॉट्स बनाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.