दुर्भाग्य की देवी हैं अलक्ष्मी देवी, ऐसे घरों में लाती हैं गरीबी और दरिद्रता

ये बात तो हम सभी जानते हैं कि माता लक्ष्मी की पूजा से घर में सुख समृद्धी और धन की वर्षा होती है। लेकिन, क्या आपको पता ह कि लक्ष्मी माता की एक बड़ी बहन हैं जिनका नाम अलक्ष्मी देवी हैं। अलक्ष्मी देवी को देवी ज्येष्ठा भी कहा जाता है। एक तरफ जहां माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना से धन की प्राप्ति होती है, तो वहीं इसके विपरीत अलक्ष्मी देवी दरिद्रता और गरीबी की देवी हैं। अलक्ष्मी देवी लक्ष्मी माता की बड़ी बहन है, जिन्हें दरिद्रता की देवी भी माना जाता हैं। हिन्दू धर्म ग्रंथों में इस बात का जिक्र है कि अलक्ष्मी जिस घर में अपना प्रवेश करती हैं वहां कभी भी लक्ष्मी माता का वास नहीं हो पाता और घर में हमेशा दरिद्रता बनी रहती है।

 हिन्दू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, अलक्ष्मी देवी और लक्ष्मी देवी का जन्म समुद्र में से हुआ था। इसी वजह से दोनों को बहन माना जाता है। मान्यता है कि देवी अलक्ष्मी का विवाह उद्दालक नाम के मुनि से हुआ और जब मुनि देवी अलक्ष्मी को लेकर अपने आश्रम गए तो वहां अलक्ष्मी देवी ने आश्रम में प्रवेश नही किया। मुनि ने जब इसका कारण पूछा तो अलक्ष्मी देवी ने कहा था की आश्रम बहुत साफ-सुथरा है और वो केवल ऐसे घर में रह सकती हैं, जहां गंदगी हो, हमेशा लड़ाई-झगड़े होता हो।

 

ज्येष्ठा देवी यानि अलक्ष्मी देवी अशुभ घटनाओं, गरीबी, दुख, कुरूपता की देवी हैं। इनका किसी भी घर में वास उस घर के सर्वनाश का कारण बनता है। इसलिए लोग उनकी पूजा अपने घर से दूर रखने के लिए करते हैं। पद्मपुराण में अलक्ष्मी देवी के बारे जिक्र करते हुए लिखा गया है कि देवताओं और राक्षसों के बीच अमृत के लिए हुए समुद्र मंथन हुआ था। उसी समुद्र मंथन से अलक्ष्मी देवी की उत्पत्ति हुई थी।

अलक्ष्मी देवी का वाहन कौआ है। अलक्ष्मी देवी का वाहन कौआ होता है जो अशुभ माना जाता है। अलक्ष्मी देवी कमल पर विराजमान रहती हैं और पीपल के पेड़ में इनका वास रहता है। मान्यताओं  के मुताबिक, ऐसे घरों प्रवेश करती है जहां गंदगी हो और हमेशा लोग लड़ते झगड़ते हो। माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना से जहां धन की प्राप्ति होती है, तो वहीं इसके विपरीत अलक्ष्मी देवी की पूजा न करने से दरिद्रता और गरीबी आती है। लोग अलक्ष्मी देवी को अपने घरों से दूर रखने के लिए इनकी पूजा अर्चना करते हैं।

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