राशिफल

समृद्धि और धन वर्षा के लिए नहाते समय करें बस ये उपाय, जिसके बाद कभी नहीं होगी पैसों की कमी

नहाना न सिर्फ हमारे स्वस्थ के लिए अच्छा है बल्कि इसका सीधा संबंध हमारी आर्थिक स्थिती से भी जुड़ा हुआ है। शास्त्रों में प्रतिदिन नहाने के महत्व को बताया गया है। . लेकिन, ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि नहाते समय एक बहुत ही छोटा सा काम कर वो अपनी आर्थिक स्थिती को सुधार सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ नहाते वक्त एक मन्त्र का जाप करना है। ये कोई ऐसा वैसा मंत्र नहीं है बल्कि इसका जिक्र शास्त्रों में भी किया गया है। शास्त्रों के मुताबिक इस मंत्र के जाप से मां लक्ष्मी जल्द प्रसन्न होती हैं।

क्या है इसका लाभ?

आपको बता दें कि शास्त्रों में दिन प्रतिदिन के सभी नित्य कार्यों के लिए अलग-अलग मंत्र बताये गए हैं। इसका मतलब ये है कि हर नित्य कार्यों को करते वक्त एक मंत्र का जाप करना निर्धारित किया गया है। ठीक इसी क्रम में नहाते वक्त के लिए भी एक मंत्र का जिक्र शास्त्रों में किया गया है। शास्त्रों में उल्लेखित इस मंत्र को अगर कोई इंसान नहाते समय जाप करता है तो यह उसकी गरीबी और दरिद्रता को दूर कर सकता है। आपको बता दें कि इस मंत्र का जाप कई लोगों ने किया है और सभी को सकारात्मक फल मिला है।

क्या है इसकी विधि?

दरअसल, यह एक तांत्रिक उपाय है। ऐसा देखा गया है कि जो व्यक्ति तांत्रिक उपायों को सही तरीके से करता है उसे बहुत जल्द लाभ मिलता है। इसके लिए अपको नहाते वक्त आप जिस पानी से नहाने जा रहे हैं उसपर हाथ की उंगली से त्रिभुज का निशान बनाये। त्रिभुज का निशान बनाने के बाद उसके बीच में ‘ह्रीं’ लिखें, यह एक मंत्र है। यहाँ इस बात का ध्यान रखें कि इसे करते वक्त कुछ जरुरी बातों का ध्यान रखें। क्योंकि अगर आपसे कोई गलती हो गई तो इसका सकारात्मक लाभ आपको नहीं मिल सकेगा।

क्या है इसका पूरा मंत्र?

त्रिभुज में मंत्र ‘ह्रीं’ लिखने के बाद नहाते वक्त गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।। का जाप करें। नहाते वक्त किया गया यह एक उपाय आपके जीवन को पूरी तरह से बदलने की शक्ति रखता है, इसलिए इसे करते वक्त अतिरिक्त सावधानी बरतें। आपको बता दें कि इस उपाय से आपकी सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाएंगी। नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम हो जायेगा और आप जो भी कार्य करेंगे उसमें आपको सफलता मिलन लगेगी। इस उपाय को कई दिनों तक करें और अपने इष्ट देवी-देवताओं की भी पूजा भी करते रहें।

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