पर्दाफाश – जानिए, किसके दम पर फिर से पब्लिक को बेवकूफ बना रही है कांग्रेस…

नई दिल्ली – कई सालों से राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की बात चल रही है। साल 2014 की करारी हार के बाद से ही कांग्रेस में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की बात चल रही है। लेकिन अब ऐसा लगता है कि राहुल गांधी जल्द ही पार्टी की कमान संभाल लेंगे। यानि गुजरात चुनाव की कमान संभालने के साथ ही अब राहुल को अध्यक्ष पद भी संभालना होगा। आपको बता दें कि नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए दिल्ली में सोमवार कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई है। लेकिन ऐसा लगता है कि यह सब सिर्फ कांग्रेस का एक दिखावा है।

पब्लिक के सामने दिखावा कर रही है कांग्रेस

ये तय हो गया है कि 19 दिसंबर को राहुल गांधी के रुप में कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। लेकिन, कांग्रेस इस बात का दिखावा कर रही है कि राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष एक लोकतांत्रिक तरीके से बनाया जा रहा है। लेकिन अगर इस बात पर गौर करें तो यह सिर्फ एक दिखावा ही लगता है। 1 दिसंबर से अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी, 4 को होगा, 16 को चुनाव होगा और 19 को राहुल गांधी अध्यक्ष चुन लिये जाएंगे। ये सारी बातें पहले से तय हो चुकीं है।

परिवारवाद में फंसी हुई है कांग्रेस  

दरअसल, कांग्रेस में पब्लिक के सामने यह दिखावा किया जा रहा है कि राहुल का कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव एक लोकतंत्रिक तरीके से होगा। लेकिन, परिवारवाद में फंसी कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव का नाटक चल रहा है, जो सिर्फ जनता को दिखाने के लिए है। जो कोई भी राजनिती की थोड़ी बहुत भी समझ रखता है वह ये बात जानता है कि कांग्रेस का अध्यक्ष बनना और न बनना राहुल गांधी की इच्छा पर था। बात करें राहुल गांधी की तो उन्हें आज भी कांग्रेस के समर्थक फैन जवाहर लाल नेहरू की विरासत पर ऐश करने वाला ही मानते हैं।

अध्यक्ष बनें तो राहुल के सामने होंगी ये चुनौतियां

गौरतलब है कि कांग्रेस में परिवारवाद पर उंगली उठाते हुए कांग्रेस के ही सीनियर नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि पार्टी का अध्यक्ष मां और बेटे में से ही कोई एक बन सकता है। यानि कांग्रेस के नेता भी ये बात मानते हैं कि कांग्रेस परिवारवाद में पूरी तरह से फंसी हुई है। राहुल के सामने इस छवि को सुधारने की चुनौती होगी। इसके अलावा, अगर राहुल को पीएम मोदी के सामने टिकना है तो आम लोगों के बीच अपनी पहुँच बनानी होगी। लेकिन, राहुल गांधी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस की परिवारवादी छवि को साफ करना होगा, जिसके जरिए वो खुद कांग्रेस के अध्यक्ष बनेंगे।

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