कोहरे के कहर ने छीन लिया 30 लोगों के घर का चिराग़, खून से सन गयी उत्तर भारत की सड़कें

नई दिल्ली: मौसम में हुए अचानक बदलाव की वजह से कोहरे का कहर भी शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ कई राज्यों में कोहरे की वजह से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दूसरी तरफ सड़क हादसों की संख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है। खून से जगह-जगह सड़कें लाल हो गयी हैं। सड़क दुर्घटनाओं में 30 लोगों की जान चली गयी है। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी बुरा असर पड़ा है। अकेले उत्तर प्रदेश में जगह-जगह हुई सड़क हादसों में 17 लोगों की जान चली गयी।

उत्तर प्रदेश में हुए सबसे ज्यादा हादसे:

सबसे ज्यादा सड़क हादसे उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेस वे और आगरा मंडल में हुए हैं। यहाँ हादसों में 6 लोगों के मारे जानें की सूचना है। हादसे में कई लोगों के घायल होने की भी बात सामने आ रह है। अवध क्षेत्र में सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। अन्य स्थानों पर भी सड़क दुर्घटनाएं हुई जिसमें कई लोगों की जान चली गई। पूरे प्रदेश में ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा।

रेलिंग के पास खड़े होकर कर रहे थे अगली बस का इंतज़ार:

पंजाब के बठिंडा-बरनाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर बठिंडा से 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव भुच्चो खुर्द के पास बुधवार सुबह गहरी धुंध में 70 किलोमीटर की स्पीड से आए मिक्सर ट्रक ने सड़क किनारे खड़े 13 लोगों को कुचल डाला। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गयी जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हैं। यह सभी लोग कुछ ही मिनट पहले हुए बस टक्कर के बाद बस से उतरकर रेलिंग के पास खड़े होकर अगली बस का इंतज़ार कर रहे थे। इसी दौरान करीब 8.35 पर रामपुरा की तरफ से आए मिक्सर ट्राले ने पुल पर खड़े इन लोगों को कुचल दिया।

दृश्यता शून्य होने की वजह से हुए कई हादसे:

हरियाणा में भी धुंध से लगातार जानलेवा हादसे हो रहे हैं। बुधवार को भी दृश्यता कम होने से कई जगह हादसे हुए जिनमें चार लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। उधर, मंगलवार रात दृश्यता शून्य होने के कारण खरखौदा-सोनीपत मार्ग पर एक स्कार्पियो रेलिंग तोड़ते हुए ड्रेन नंबर-8 में जा गिरी। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गयी। पानीपत में विभिन्न जगहों पर 12 वाहन टकरा गए, जिनमें 35 लोग घायल हो गए।

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