स्वास्थ्य

इन 10 बातों का रखिये ध्यान और तेज़ी से बढ़ने लगेगा बॉडी का मेटाबॉलिज्म, जानिए कौन सी हैं वो बातें

कभी सोचा है कि आप जो खाते हैं, उसका फायदा क्यों नहीं मिलता? रहन-सहन बदल देने के बाद और सब कुछ ठीक करने के बावजूद कोई अंतर नहीं आता. ऐसे में क्या किया जाए? कैलोरी लेने या खर्च होने से मेटाबॉलिज्म पर कोई फर्क नहीं पड़ता. मेटाबॉलिज्म एक ऐसा वैज्ञानिक शब्द है जिसका अक्सर गलत प्रयोग किया जाता है. हर कोई एक ‘सेट प्वाइंट’ के साथ जन्म लेता है, जिसे हमारा शरीर हमारे आदर्श वजन और मेटाबॉलिक रेट के तौर पर स्थापित करता है. जब हम शारीरिक गतिविधि‍ बढ़ाए बिना जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, तो ये ‘सेट प्वांइट’ अपनी जगह से हिल जाता है. एक स्वस्थ मेटाबॉलिज्म के लिए खाना बेहद जरूरी है. लेकिन अच्छी खबर ये है कि कुछ खाने की चीजों में मेटाबॉलिज्म बढ़ाने की क्षमता भी होती है. आज हम आपको 10 बातें बताएंगे जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में आपकी मदद करते हैं और एक हेल्दी लाइफ जीने में मदद करते हैं.

नाश्ता कभी न छोड़ें

अपने आप से वादा करें कि आप स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता किए बिना ऑफिस नहीं जाएंगे. नाश्ता न करने से आप भूखे रह जाते हैं. इससे थकान भी होती है और फिर बाद में अधिक वसायुक्त खाना खाने की इच्छा होती है. वास्तव में इसलिए जो लोग नाश्ता नहीं करते वह मोटापे के शिकार होते हैं और उनमें ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर अधिक होता है.

भूख लगने पर थोड़ा खाएं

आप दिन में तीन बार पूरा भोजन और इस बीच में दो से तीन बार हेल्दी स्नैक्स खाएं. किसी भी समय का भोजन न छोड़ें क्योंकि इससे अपच और एसिडिटी हो जाती है और आपका शरीर भूखा रह जाता है. यह मेटाबॉलिक रेट गिरा देता है. अगर आपको भूख लगी है, तो खा लें.

स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता

नाश्ते के तौर पर नमकीन, भुजिया, तली हुई चीजें जैसे समोसा और चिप्स आदि खाने से बचें. इनके बजाए फल, मेवे, चना खाएं और छाछ या नारि‍यल का पानी पिएं.

अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन

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पेय पदार्थ आपके शरीर से न सिर्फ विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायक होते हैं बल्कि वजन घटाने और त्वचा चमकदार बनाने में भी मदद करते हैं. दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर तक तरल पदार्थ लें. इसमें पानी या अन्य कम कैलोरी वाले पेय पदार्थ भी शामिल करें.

ग्रीन टी, एवकैडो और मेवे

ग्रीन टी रोजाना पीना फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद कैमिकल कंपाउंड्स कैलोरीज बर्न करने में मदद करते हैं. एवकैडो में मौजूद भरपूर ओमेगा- 3 फैटी एसिड ब्लड शुगर और इंफ्लेमेशन को नियंत्रित करता है, जो मेटाबॉलिज्म को स्थिर रखता है. कच्चे मेवे और बीज सूक्ष्म पोषक तत्वों और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो आपको अपने आहार से प्राप्त नहीं हो पाता.

विषाक्त पदार्थ बाहर निकालें

कैफीन, अल्कोहल, डिब्बाबंद खाना, नमक, चीनी, गेहूं और रेड मीट छोड़ दें. शुद्ध खाने जैसे कच्चे फल और सब्जियां, साबुत अनाज (सफेद चावल छोड़कर), मसूर की दाल, कच्चे मेवे व अंकुर, मछली, सब्जी, और खूब सारे पेय पदार्थों को खाने पर ध्यान दें.

रंग-बिरंगी हो डाइट

आपकी डाइट में जितने ज्यादा रंग होंगे उतने अधिक एंटी-ऑक्सीडेंट आपको मिलेंगे. ये कम्पाउंड्स कोशिकाओं को होने वाली क्षति को कम कर देते हैं और धमनियों को सख्त होने से रोकते हैं, जो कि दिल की बीमारी, आघात, यहां तक कि याद्दाश्त कम होने का कारण बनता है. हर दिन अपने खाने में कम से कम पांच अलग-अलग रंगों के फल या सब्जियां शामिल करें.

अपने वजन पर नजर रखें

अपने बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) को जानें और इसे 23—25 के बीच रखें या विशेषज्ञ की सलाह लें.

व्यायाम

आपके मेटाबॉलिज्म और आपके सामान्य स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा जरूरी व्यायाम करना है. इंटरवल ट्रेनिंग और रेसिस्टेंस ट्रेनिंग सबसे अच्छे विकल्प हैं. इंटरवल ट्रेनिंग और वेट ट्रेनिंग मांसपेशियों को मजबूत करेगी,  जो अच्छे मेटाबॉलिज्म के समान है.

खुद को पोषण दें   

अपना ख्याल रखें, अच्छा खाएं, पूरी नींद लें, अपने आप में कमी न निकालें और फिर अंत में आप जैसे हैं, वैसे ही खुद को पसंद करने लगेंगे.

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