प्रफुल्ल पटेल की अजीबोगरीब गणित, शरद पवार 2019 में बन सकते हैं देश के प्रधानमंत्री

रायगढ़: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को अपनी एक अजीबोगरीब गणित के आधार पर दावा किया कि 2019 के लोकसभा के बाद पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। आपको बता दें पटेल सोमवार को कर्तज में पार्टी के दो दिवसीय विचार-विमर्श अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। पटेल के अनुसार आने वाला 2019 राकांपा और शरद पवार का होगा। वर्तमान बदलते राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए कहा जा सकता है कि शरद पवार की इच्छा पूरी हो सकती है।

संसद में प्रधानमंत्री भी सुनते हैं उनकी बात:

शरद पवार देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शरद पवार के अन्दर देश का नेतृत्व करने की क्षमता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए राकांपा कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करने की जरुरत है। पटेल ने यह बताया कि देश की राजनीति में शरद पवार एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। सभी लोग उनका सम्मान करते हैं। उनका प्रभाव यहाँ तक है कि संसद में प्रधानमंत्री मोदी भी उनकी बातों को सुनते हैं।

नरम रुख त्यागकर करें आक्रामक रुख अख्तियार:

पटेल ने कहा कि अभी राकांपा को बदनाम करने के लिए कड़े प्रयास किये जा रहे हैं। उसके बाद भी शरद पवार ऐसे लोगों पर नरम रवैया अख्तियार करते हैं। पटेल ने संबोधन के दौरान शरद पवार से यह माँग की कि वह नरम रुख त्यागकर आक्रामक रुख अख्तियार करें। प्रफुल्ल पटेल ने आगे कहा कि 1999 में जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे, उस समय उन्होंने शरद पवार को राजग में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

क्या पवार साहब ने मोदी की प्रशंसा की:

हालांकि वाजपेयी के आग्रह को शरद पवार ने नम्रतापूर्वक ठुकरा दिया था। उन्होंने उनका प्रस्ताव इसलिए ठुकराया था, क्योंकि वह मानते थे कि भाजपा नीत राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) की विचारधारा उनसे मेल नहीं खाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच बेहतर संबंध की खबरों पर वह बोले, “मोदी जी कहते हैं कि पवार साहेब ने राजनीति में उनका मार्गदर्शन किया। क्या पवार साहेब ने मोदी की प्रशंसा की? क्या शरद पवार कोई प्रमाण पत्र दिया? 2014 में लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान मोदी के राकांपा के खिलाफ दिए बयानों को याद रखना चाहिए।“