मुंबई: जब भी भगवान के दर्शन करो तो जीवन में आने वाले सभी कष्टों का निवारण स्वयं ही हो जाता है। भगवान के दर्शन करने के बाद मन तो प्रसन्न रहता ही है, साथ ही स्वास्थ्य तन की भी प्राप्ति होती है। अक्सर जब भी कोई मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए जाता है तो उने भोग लगाने के लिए कुछ ना कुछ ले जाता है। ज्यादातर जगहों पर भगवान को भोग फल एवं मिठाईयों से ही लगाया जाता है। ऐसा करने पर भगवान अपने भक्त की हर इच्छा को तुरंत ही पूरी कर देते हैं।

भक्तों को रहता है पुरे साल कार्तिक एकादशी का इंतज़ार:

आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ भक्त भगवान को कुछ चढ़ाते तो हैं लेकिन वो फल और मिठाईयाँ नहीं होती हैं। जी हाँ हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वहाँ शराब चढ़ाई जाती है। दरअसल चेम्बूर के एक छोटे मंदिर में विरजमान भैरो नाथ की अलग ही लीला है। उनके भक्त पुरे साल कार्तिक एकादशी का ही इंतज़ार करते हैं, ताकि उन्हें व्हिस्की, रम और वोडका जैसी अनेक शराब की बोतलें चढ़ा सकें।

श्मशान घाट के एक कोने में स्थित है यह अद्भुत मंदिर:

आज से लगभग चार साल पहले एक श्मशान घाट के एक कोने में निर्मित इस मंदिर में कार्तिक एकादशी के दिन भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिली। वहीँ पर उनके द्वारा चढ़ाई गयी शराब को प्रसाद के रूप में भी बाँटा गया। मंदिर की देखभाल करने वाले रमेश लोहाना ने बताया कि भगवान भैरवनाथ को भगवान शिव का ही एक अवतार माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्तिक एकादशी हमारे लिए बहुत पवित्र दिन होता है।

सभी धर्मों के लोग आते हैं इस मंदिर में शराब चढ़ाने:

उन्होंने आगे कहा कि हम पुरे साल इस एक दिन का इंतज़ार बड़ी बेसब्री से करते हैं। इस मंदिर में केवल हिन्दू ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के हजारों भक्त शराब अर्पित करने के लिए आते हैं। पिछले 40 सालों से हम इस परम्परा का पालन बिना रुके कर रहे हैं। लोहाना ने बताया कि विभाजन के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित होकर उनके मामा अपने परिवार के साथ चेम्बूर में आ गए। बाद में उन्होंने ही इस मंदिर का निर्माण करवाया था।

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