इस तरह से बन रहा चीन भारत के लिए खतरा, भारत को घेरने के लिए कर रहा एक साथ कई योजनाओं पर काम

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच विवाद पिछले कई सालों से चल रहा है। एक तरफ भारत अपने सभी पड़ोसी देशों से शांति बहाल करना चाहता है, जबकि चीन भारत को घेरने का प्रयास कर रहा है। वह भारत को घेरने के लिए एक साथ कई योजनाओं पर भी काम कर रहा है। एक बार फिर से चीन के राष्ट्रपति का चुनाव जीते शी जिनपिंग का कहना है कि उनकी आर्मी का पूरा ध्यान जंग जीतने पर होना चाहिए। भारत सीमा पर रह रहे तिब्बती बस्ती से कहा कि, चीनी भूभाग की रक्षा के लिए जड़ें जमाकर रखें।

बन रहा है चीन भारत के लिए बड़ा खतरा:

इसका साफ़-साफ़ मतलब है कि चीन भारत को मात देने के लिए ना केवल बड़ी चालें चल रहा है, वह छोटी चालों की भी मदद ले रहा है। इन सब चीजों को देखते हुए साफ़-साफ़ समझ आता है कि चीन की राजनीति में अपने पैर जमाते शी जिनपिंग आने वाले समय में भारत के लिए खतरा बन रहे हैं। चीन ने ब्रह्मपुत्र को लेकर एक नई योजना तैयार की है। चीनी इंजीनियरों ने ब्रह्मपुत्र के पानी को डायवर्ट करने के लिए 1000 किलोमीटर लम्बी सुरंग बनाने की योजना बनाई है।

हिमालयी क्षेत्रों पर पड़ेगा इसका विपरीत असर:

बताया जा रहा है कि इस सुरंग की मदद से ब्रह्मपुत्र का पानी तिब्बत से जिनजियांग की तरफ मोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे भारत के साथ-साथ बांग्लादेश को भी असर पड़ने वाला है। हांगकांग के अख़बार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के अनुसार इस कदम के बाद शिनजियांग कैलिफोर्निया बन जायेगा। चीन के इस कदम से पर्यवरणविदों में चिंता की लहर दौड़ गयी है, क्योंकि बताया जा रहा है इससे हिमालयी क्षेत्रों पर विपरीत असर पड़ सकता है। हालांकि इंजीनियरों के प्लान को अभी सरकार की तरफ से मंजूरी नहीं मिली है।

चरवाहों को भेजकर बता रहा अरुणांचल को अपना इलाका:

आपको जानकर काफी हैरानी होगी कि भारतीय क्षेत्र पर अपना हक़ जताने के लिए कई साल से चीन चरवाहों का प्रयोग करता आ रहा है। अरुणांचल प्रदेश में चरवाहों को भेजकर चीन उसे अपना इलाका बता रहा है। अब चीन एकबार फिर इस योजना की तरफ बढ़ रहा है। केवल यही नहीं भारत को चीन सेना के बढती ताकतों की से भी डराना चाहता है। चीन ने पूरी दुनिया को यह सन्देश दे दिया है कि किस तरह से चीनी सेना वर्ल्ड क्लास सैन्य शक्ति बनने की तरफ अग्रसर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.