गंगटोक – मनोहर पार्रिकर के पद छोड़ने के बाद कुछ दिनों तक अरुण जेटली ने रक्षा मंत्री का पद संभाला। अब देश को और भारतीय सेना को निर्मला सीतारमण के रुप में एक नया रक्षामंत्री मिल गई है। मोदी सरकार ने पिछले महीने अपने मंत्री मंडल में बड़ा फेरबदल करते हुए निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और वो अपने काम को काफी अच्छे तरीके से कर रही हैं। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को भारत-चीना सीमा पर स्थित नाथुला इलाके का दौरा किया। जब रक्षा मंत्री वहां पहुँची तो वहां एक अजीब बात देखने को मिली। Soldiers click photos of nirmala sitharaman.

निर्मला सीतारमण की तस्वीरें खींचने लगे चीनी सैनिक

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के नाथूला पहुँचते ही वहां बाड़ की दूसरी ओर मौजूद चीनी सैनिक उनकी तस्वीरें खींचने लगे। इसके बाद सीतारमण ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने बाड़ के दूसरी ओर कई चीनी सैनिकों को नाथुला पहुंचने पर मेरी तस्वीरें खींचते हुए देखा।आपको बता दें कि सीतारमण सिक्किम के एक-दिवसीय दौरे पर गंगटोक से 52 किलोमीटर दूर नाथुला सड़क मार्ग से पहुंचीं थी। जहाँ उन्होंने तैनात सेना तथा आईटीबीपी अधिकारियों से बातचीत की।

नाथूला में उन्होंने सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन खराब मौसम के कारण सिक्किम के सीमावर्ती इलाके में डोकलाम और अग्रिम चौकियों के हवाई सर्वेक्षण नहीं कर सकीं। पूर्वी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने सीतारमण को सिक्किम सेक्टर में चीन-भारत सीमा पर सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी।

 

पद संभालते ही पूर्व सैनिकों को दिया था तोहफा

आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण ने 7 सितम्बर को रक्षामंत्री पद का कार्यभार संभालते ही पूर्व सैनिकों को तोहफा दिया था। देश की नई रक्षा मंत्री ने एक्स-सर्विसमेन फंड (आरएमईडब्ल्यूएफ) सैनिकों और उनके परिवार को वित्तीय सहायता को मंजूरी दी थी। उधर खबर ये आ रही है कि डोकलाम में एक बार फिर से चीनी सैनिकों की घुसपैठ जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी सेना ने पूराने डोकलाम विवाद से 10 किमी दूर रोड़ कंस्ट्रक्शन का निर्माण फिर से शुरू कर दिया है।

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भूटान के डोकलाम में यथास्थिति बनी हुई है। आपको बता दें कि पद संभालते ही निर्मला सीतारमण ने कहा था – ‘मेरी प्राथमिकता सशस्त्र बल को मजबुत करना रहेगा। भारतीय सशस्त्र बलों को आवश्यक बंदोबस्त और उपकरण मुहैया कराकर उन्हें मजबुत करना महत्वपूर्ण है।’ उनके इस फैसले और बयान के बाद इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो देश की रक्षामंत्री के रुप में देश और सेना के लिए अच्छा काम करेंगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.