8 अक्टूबर को है करवा चौथ व्रत, महिलाएं भूल कर भी ना करें ये चार गलतियां, पड़ सकती हैं बहुत भारी

हिंदू धर्म में करवा चौथ व्रत का बहुत ज्यादा महत्व होता है। हमारे देश में वैसे तो महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र के लिए कई तरह के व्रत और पूजा-पाठ किए जाते हैं। लेकिन उन में सबसे ज्यादा बहु प्रचलित व्रत है करवा चौथ। इस व्रत में चंद्र उदय समारोह का विशेष महत्व होता है। यह व्रत महिलाओं के लिए बहुत ही विशेष होता है। इस बार करवा चौथ का व्रत 8 अक्टूबर को रविवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन सुहागन स्त्रियां व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र की दुआ मांगती हैं। लेकिन कई बातें ऐसी हैं जो सभी महिलाओं को इस दिन ध्यान में रखनी चाहिए वरना उन्हें करवा चौथ के व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता।

करवा चौथ व्रत पर महिलाएं भूल कर भी ना करें ये काम :

1. करवा चौथ व्रत वाले दिन विवाहित महिलाओं को चांद देखने से पहले अपने से बड़ी उम्र की किसी भी बुजुर्ग महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। करवा चौथ व्रत वाले दिन ऐसा करना अशुभ माना जाता है। महिलाएं इस बात का ध्यान रखें कि चांद देखने से पहले गलती से भी अपनी सास अपनी मां या किसी बड़े बुजुर्ग औरत का किसी भी प्रकार अपमान ना होने पाए। महिलाओं को अपनी सास से सदा सुहागन का आशीर्वाद भी जरूर लेना चाहिए और इस दिन अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ शांतिप्रिय तथा उदारता का स्वभाव रखना चाहिए।

2. करवा चौथ व्रत के दिन महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती है। क्योंकि जितना महत्व करवाचौथ के व्रत व पूजा का होता है उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा सुनने का भी होता है। लेकिन अक्सर कई बार महिलाएं कथा सुनने में रुचि नहीं लेती और कथा सुनना टाल देती है। ऐसा करना बहुत गलत माना जाता है क्योंकि बिना करवा चौथ की कथा सुने करवा चौथ का व्रत पूरा नहीं हो पाता। इसलिए सभी महिलाओं को करवा चौथ की कथा अवश्य और बहुत ही ध्यान से सुननी चाहिए

करवा चौथ व्रत के दिन कि सुहाग सामग्री को नहीं फेंकना चाहिए

3. करवा चौथ वाले दिन महिलाओं को विशेष तौर पर लाल कपड़े ही पहनने चाहिए। करवाचौथ पर लाल रंग की साड़ी या लहंगा पहनना शुभ माना जाता है। क्योंकि लाल रंग हिन्दू धर्म में शुभ रंग होने का भी प्रतीक है। लाल रंग का सम्बन्ध वैवाहिक जीवन से होता है। इसके अलावा लाल रंग जीवन में शहाली लाता है। कई महिलाएं इस खास दिन को अपनी शादी का जोड़ा भी पहनती है। यह प्रेम का प्रतिक होता है।

4. करवा चौथ व्रत के दिन किसी प्रकार की सुहाग सामग्री को कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। अगर चूड़ी भी टूट जाए तो उसे भी पूजास्थल पर रखना चाहिए। उपवास वाले दिन विवाहित महिलाओं को चांद देखने से पहले किसी को भी दूध दही या चावल या फिर सफेद कपड़ा या सफेद वस्तु दान नही करनी चाहिए। जो महिलाएं सिंदूर को बालों के नीचे छुपा लेती हैं उन को सम्मान नहीं मिल पाता इसलिए ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए। अपने मन को खुश रखें किसी से झगड़ा ना करें क्योंकि अगर आप का मिजाज अच्छा नहीं होगा तो कोई अपशगुन हो सकता है।

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