कुलभूषण के बदले पाकिस्तानी आतंकी को छोडनें का पाकिस्तान का झूठा दावा सामनें

नई दिल्ली: आपको भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव तो याद ही होंगे। इस समय वह जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में कैद हैं। कुलभूषण जाधव को रिहा करनें के बदले पाकिस्तानी तालिबान के नेता फजीउल्ला को रिहा करनें की अफगानिस्तान की पेशकश को भारत ने पाकिस्तान का एक और झूठ कहा है। पाकिस्तान झूठ के दम पर अफगानिस्तान को बदनाम करनें की साजिश रच रहा है।

पाकिस्तान आतंकी के बदले छोड़ दे कुलभूषण को:

Pak minister threatened nuclear strike

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने न्यूयार्क में मीडिया से बातचीत करते हुए यह कहा था कि अफगानिस्तान के सुरक्षा सलाहकार ने पाकिस्तानी सुरक्षा सलाहकार से बातचीत करते हुए यह पेशकश की थी कि अफगानिस्तान अपनी जेल में बंद पाकिस्तानी तालिबानी नेता फजिउल्ला को पाकिस्तान इस शर्त पर भेज सकता है की बदले में भारत के कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान छोड़ दे।

पाकिस्तान ने फिर की बिना सर-पैर की बात:

इस बारे में जब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की एक कल्पना कहानी है। वहीँ अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके यह साफ़ कर दिया है कि अफगानिस्तान ने इस तरह का कोई प्रस्ताव पाकिस्तान के सामनें नहीं रखा है। कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने फिर से बिना सर-पैर की बार कही है।

रवीश कुमार ने कहा कि सामान्यतः दो देशों के नेताओं के बीच बातचीत पर भारत कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है, लेकिन यह मामला भारत से जुड़ा हुआ है। इसलिए वह इस मामले में साफ़ कहना चाहते हैं कि कुलभूषण जाधव की रिहाई के बदले भारत ने इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। आपको बता दें कुलभूषण को ईरान से पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था।

पाकिस्तान ने सुनाई जासूसी के आरोप में मौत की सजा:

कुलभूषण को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों का षड़यंत्र रचनें के लिए दोषी ठहराते हुए पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई। भारत सरकार ने इस सजा के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अदालत में अपील की है। पाकिस्तान को इस मामले में 13 दिसंबर तक जवाब देने के लिए मौका दिया गया है। हाफिज सईद को पाकिस्तानी विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान पर बोझ बताये जानें के बारे में कुमार ने कहा कि हमनें हमेशा पाकिस्तान से कहा है कि इस तरह के लोगों को अपने यहाँ शरण ना दे।

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