आतंकी हमलों ने बनाया इन्हें और बेहतर इंसान

डर के आगे जीत है, आपमें से ज्यादातर लोगों ने ये वाक्य माउंटेन ड्यू के प्रचार में काफी बार सुना होगा, लेकिन कुछ लोग इन शब्दों में ही अपनी जिंदगी के मायने ढूंढ लेतें हैं, उनमें से ही एक हैं निधि चाफेकर ( Brussels terror attack Nidhi Chapekar )।

सीएनएन को दिए अपने एक इंटरव्यू में चाफेकर ने कहा कि,”मुझे यकीन है नियम, चीज़ों को बेहतर बनाने के लिए होतें हैं और हर मनुष्य को दया से परिपूर्ण होना चाहिए। हम कैदियों के प्रति होने वाले व्यवहार में परिवर्तन चाहते हैं। हमें लोगों के चेहरों पर एक नयी मुस्कान लानी चाहिए। मैं आतंकियों को माफ़ तो नहीं कर सकती लेकिन उन्हें सुधारने में मदद जरूर कर सकती हूँ। बदला हर सवाल का जवाब नहीं होता, लोगों को प्यार करना सिखाना ही होगा।”

कुछ दिनों पहले तक शायद चाफेकर को कोई जानता भी नहीं होगा, लेकिन वैश्विक आतंक का चेहरा बन चुकी चाफेकर जेट एयरवेज की फ्लाइट अटेंडेंट थीं, जो ब्रसेल के जावेंटम हवाई अड्डे पर हुए आतंकी हमले को झेल चुकी थी। पत्रकार केटवन करडावा ने हमले के बाद उनकी एक ऐसी तस्वीर पेश की जिसमें वो हमले से आहत दिखाई दे रही हैं।

शारीरिक और मानसिक आघात की चरम सीमा झेल चुकी चाफेकर और एक और अच्छे इंसान की तरह उभर कर सामने आईं हैं और उनका कहना है कि, “मैं हमेशा से एक बहुत ही सकारात्मक व्यक्ति की तरह रहीं हूँ। मैं मुश्किलों को चुनौतियों की तरह लेती हूँ और इन हमलों ने मुझे और मजबूत बना दिया है।”

लेकिन जब उन्हें उनकी ब्रसेल में ली गयी तस्वीर दिखाई गयी तो अपने परिवारजनों के बारे में सुनकर चाफेकर थोड़ा भयभीत भी हो गयीं। अपनी तस्वीर देख कर डरी चाफेकर ने कहा कि मुझे डर था कि मेरे लोग मुझे स्वीकार करेंगे या नहीं, कहीं मेरे बच्चे मेरे साथ शर्मिंदगी तो महसूस नहीं करेंगे?” क्यों की विस्फोट उनके चेहरे के पास हुआ था।

चाफेकर ने कहा, “भले ही हमारे रीती-रिवाज़ अलग हों और हो सकता है भगवन भी अलग हों लेकिन दुआ और प्रार्थना सबकी एक ही होती है।”

 

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