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जानिये कोकराझार हमलों के पीछे है किस का हाथ??

शनिवार को असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि आतंकी संगठन एनडीएफबी (एस) द्वारा कोकराझार जिले में हुए हमलों ने 14 (kokrajhar attack) लोगों की जान ले ली। इसमें  इनकी प्रत्यक्ष भागीदारी थी।

“कोकराझार हिंसा में एनडीएफबी (एस) की प्रत्यक्ष भागीदारी पायी गयी और गुप्त सूत्रों ने ये महत्वपूर्ण जानकारी के हमें दी है,” एक आधिकारिक विज्ञप्ति के हवाले से सोनेवाल ने बताया।

सोनोवाल जो गृह विभाग का भी हिसाब रखतें है, ने बताया कि पुलिस ने एक आतंकवादी को बालाजन तिनियाली बाजार में मुठभेड़ में मार गिराया और उसके मोबाइल फोन से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी और संपर्क नंबर ज्ञात कियें है।

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वरिष्ठ मंत्री हिमांता बिस्वा सरमा ने बताया, “मारे गए आतंकवादी की शिनाख्त के बाद उसका नाम एंजोय इस्लारी उर्फ मोंजोय पता चली और वह स्वयंभू एनडीएफबी (एस) का कमांडिंग अधिकारी था।”

उन्होंने आगे बताया, “उग्रवादी की पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद उसकी तस्वीर द्वारा पहचान कर ली गयी है और डीएनए परीक्षण से हम और भी निःसंदेह हो जायेंगे।”

मुख्यमंत्री जी ने अपने बयान में कहा कि, “हमारा आतंकवाद की दिशा में एक शून्य सहिष्णुता का दृष्टिकोण है। हम पूरी तरह से जीवन और राज्य के लोगों की संपत्ति की रक्षा करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं और हम इसे अपना प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य मानते हैं।”

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कोकराझार की घटना और आगामी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए, सोनोवाल ने सिविल और पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दे दिए हैं और राष्ट्र विरोधी ताकतों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत और सशक्त रहने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने अपने बयान में डीसी और एसपी को एक नियमित आधार पर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के लिए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश जारी किये।

सोनोवाल ने हमले में घायल एक 6 वर्षीय बच्चे सहित पांच लोगों से मिलने और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ करने के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया।

उन्होंने डॉक्टरों पीड़ितों को अग्रिम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दियें।मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि सभी घायल लोग खतरे से बाहर थे।

हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि लगभग 14 घायल लोगों को पास के बारपेटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनमें से पांच जीएमसीएच के लिए भेजा गया था।

उन्होंने बताया बाकि के सात लोगों को कोकराझार सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया और बारपेटा अस्पताल में जो लोग हैं वो अब खतरे से बाहर हैं।

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