बॉलीवुड

KGF2 आधे घंटे नहीं झेल पाया बॉलीवुड, RRR तो सर्कस है, कश्‍मीर फाइल्‍स स्लो है – राम गोपाल वर्मा

साउथ की फिल्में इन दिनों बॉलीवुड पर भारी पड़ रही है। बॉलीवुड की फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही है तो साउथ की हिट। ‘केजीएफ 2’ और RRR जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई की है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये फिल्में बॉलीवुड के लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आई। ‘केजीएफ 2’ को वे आधे घंटे नहीं झेल सके तो RRR उन्हें सर्कस लगी। दरअसल यह खुलासा फेमस डायरेक्‍टर-प्रोड्यूसर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही के एक इंटरव्यू में किया है।

आधे घंटे नहीं झेल पाए KGF2

हमेशा अपनी बात बेबाकी से रखने वाले राम गोपाल वर्मा ने सबसे पहले KGF2 पर बात की। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के एक बहुत बड़े डायरेक्‍टर मुझ से बोले कि मैंने 5 बार KGF2 देखने का प्रयास किया, लेकिन उसे आधे घंटे से ज्यादा नहीं झेल पाया। फिर वे अपनी स्क्रिप्ट पर काम करने लगे। इस दौरान एक स्क्रिप्ट राइटर ने एक सीन पर बहस करते हुए उन्हें तर्क दिया कि ऐसे सीन न केजीएफ – चैप्टर 2 में खूब पसंद किए गए।

राम गोपाल वर्मा ने आगे कहा कि केजीएफ – चैप्टर 2 बॉलीवुड पर भूत की तरह मंडरा रहा है। हॉलिवुड में एक मशहूर कहावत है। आप कॉन्‍टेंट पर बहस कर सकते हैं, लेकिन आप सक्‍सेस पर बहस नहीं कर सकते। ये बात मायने नहीं रखती कि आपकी निजी पसंद और नापसंद क्या है। यदि आपकी नापसंद चीज ने सफलता का स्वाद चखा है तो आप उसे इग्नोर नहीं कर सकते।

राम गोपाल वर्मा ने KGF 2 को ‘मेरे पास मां है टाइप वाली फिल्‍म’ बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी जमीन से जुड़ी हुई है। यह 70 के दशक की अमिताभ बच्‍चन की फिल्‍मों जैसी है। हमे लगता था कि अब वैसा अंदाज ओल्ड हो गया है। लेकिन KGF 2 में उस स्टाइल को लोगों ने आज भी बड़ा पसंद किया। यह फिल्म भले अवास्तविक तरीके से फिल्माई गई हो। जैसे एक सीन में यश मशीनगन से फायरिंग करता है और जीप हवा में उड़ जाती है। अब इसका क्या लॉजिक है? लेकिन इस पर सवाल उठाना ही मूर्खता हो जाएगा।

जब राम गोपाल वर्मा से पूछा गया कि क्‍या उन्‍हें KGF 2 कैसी लगी तो उन्होंने कहा – अब ऐसा नहीं है कि मुझे फिल्म पसंद नहीं आई। बस इसके लिए मेरे पास सही शब्द नहीं है। सच कहूं तो फिल्म देख मैं घबरा गया था। मैं हैरान होकर मुंह खोले फिल्म देख रहा था। जैसे ओ तेरी ये क्या है? हर फिल्म मेकर अपनी फिल्म में लॉजिक तलाशता है। लेकिन जब बिना लॉजिक वाली फिल्‍म रिकॉर्ड तोड़ सफलता करे तो फिर हम क्या कर सकते हैं।

द कश्‍मीर फाइल्‍स है बहुत धीमी फिल्म

द कश्‍मीर फाइल्‍स (The Kashmir Files) को लेकर राम गोपाल वर्मा ने कहा इस फिल्म को एक ऐसे डायरेक्‍टर (विवेक अग्निहोत्री) ने बनाया है जिसे बॉलीवुड ने कभी सिरियसली नहीं लिया था। इस फिल्म में सबसे लोकप्रिय अभिनेता अनुपम खेर थे। बाकी को कोई खास जनता नहीं था। लेकिन फिर भी फिल्म में 250 करोड़ रुपये की कमाई कर गई।

राम गोपाल वर्मा ने आगे कहा ‘द कश्मीर फाइल्स अभी तक की सबसे स्लो फिल्म थी। इसने उन सभी नियमों को तोड़ा जिनका एक फिल्ममेकर ख्याल रखता है। इसमें ना तो कोई स्क्रिप्ट थी और ना ही कोई लीड या सेकंड लीड एक्टर था। इसमें इंटरवल, क्‍लाइमेक्‍स कुछ भी नहीं था। फिर भी दर्शकों को फिल्म पसंद आई। यह बीते 20 सालों में सबसे गंभीर फिल्म थी।

‘आरआरआर’ है सर्कस

इसी इंटरव्‍यू में राम गोपाल वर्मा ने ‘आरआरआर’ फिल्म को सकर्स बताया। उन्होंने कहा कि ये कोई बुरी फिल्म नहीं है। सर्कस का नाम सुनते ही हमे जोकर याद आते हैं। लेकिन इस सर्कस में और भी बहुत कुछ चीजें होती है। आरआरआर के एक सीन में राम चरण और जूनियर एनटीआर एक लड़के को बचाते हैं। यह सीन देख मुझे सर्कस की याद आ गई। वहाँ भी लोग रस्सियों को थाम इधर उधर झूलते रहते हैं। वह जंगली सर्कस होता है और ये एग्‍जॉटिक था।

राम गोपाल वर्मा कहते हैं कि ‘केजीएफ 2 और द कश्‍मीर फाइल्‍स दो ऐसी फिल्में हैं जिसने बॉलीवुड को तबाह कर दिया। सच तो ये है कि केजीएफ- चैप्टर 2 जैसी फिल्म बॉलीवुड में किसी को पसंद नहीं आई। लेकिन जब आपकी नापसंद फिल्म ताबड़तोड़ कमाई करती है तो आप कन्‍फ्यूज हो जाते हैं। आपको समझ नहीं आता कि अब क्या करें।

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