कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी की नीतियों का विरोध अगर कोई करता है तो वो हैं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी… राष्ट्रगान का मुद्दा हो या बंगाल में लंबे समय तक चले दंगों का… राष्ट्रपति चुनाव हो या नोटबंदी… ममता दीदी ने हर मोर्चे पर पीएम को बड़ी चुनौती देती नजर आई है… एक वक्त ऐसा भी आया की केंद्र में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विरोध से ज्यादा उनका विरोध मीडिया में चर्चित रहा। लेकिन अब लगता है… ममता दीदी भी पीएम की नीतियों से प्रभावित हो गई है, तभी तो वो अब पीएम के पक्ष में आती दिख रही है, जिसके बाद विपक्ष को हार्ट अटैक आना स्वाभाविक हो गया है। असल में ममता ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री से कोई समस्या नहीं है।

ममता बनर्जी के सुर बदलें

बंगाल में ममता की पार्टी टीएमसी को भाजपा से बड़ी टक्कर मिल रही है। निकाय चुनावों में ममता की पार्टी जहां नंबर एक में थी वहीं लेफ्ट को धूल चटाते हुए बीजेपी ने दूसरा स्थान पाया था…. लेकिन ममता दीदी ने एक इंटरव्यू में जो बातें की हैं… उससे लगता है कि ममता दीदी का हृदय परिवर्तन हो गया है। ऐसा पहली बार नहीं हैं जब ममता बैनर्जी ने बीजेपी के किसी पीएम का समर्थन या तारीफ की हो… इससे पहले भी वो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की नीतियों की तारीफ भी कर चुकी है लेकिन इस बार पीएम की तारीफ करने से ममता बैनर्जी ज्यादा चर्चा में हैं। दरअसल ममता ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि पीएम मोदी की नीतियां देश की भलाई के लिए है जिससे देश का भविष्य अच्छा होगा।

पीएम मोदी से नही इनसे है शिकायत

ममता बैनर्जी ने जहां एक तरफ पीएम मोदी की तारीफ की है, वहीं दूसरी तरफ अमित शाह के सख्त खिलाफ है। ममता ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री से कोई समस्या नहीं, लेकिन अमित शाह ने जिस तरह तानाशाही दिखाई, वह समर्थन योग्य नहीं है। ममता ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री को क्यों दोषी ठहराऊं, लेकिन उनकी पार्टी को भी इसका ध्यान रखना चाहिए। अमित शाह जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे सभी डरे हुए हैं। ममता ने अमित शाह के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा की अमित शाह केंद्रीय मंत्रियों की बैठक कैसे ले सकते है। एक पार्टी के अध्यक्ष की हैसियत से ये करना बिल्कुल गलत है, मंत्रियों की बैठक लेने का संवैधानिक अधिकार सिर्फ और सिर्फ पीएम को है।

ममता बनर्जी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति यू टर्न पहले से ही विघटित विपक्ष को और चिड़चिड़ा करने के लिए काफी है। जदयू के महागठबंधन से नाता तोड़ कर भाजपा से हाथ मिलाने से तिलमिलाई विपक्ष के लिए ममता का ये बयान बड़ा झटका है।

 

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