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नई बहार के लिए जदयू ने किया शरद से किनारा, राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटाए गए शरद यादव

“बदल जाए अगर माली चमन होता नही खाली, बहारें फिर भी आती हैं… बहारें फिर भी आएंगी”  कुछ इसी तर्ज पर जदयू अपने ही कद्दावर नेता शरद यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा रही है। दरअसल जनता दल यूनाईटेड ने पार्टी लाईन से अलग जा रहे शरद यादव के खिलाफ बङी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के नेता पर से हटा दिया है। जदयू के महासचिव संजय झा के नेतृत्व में पार्टी के सांसदो ने इस संबन्ध में राज्यसभा के सभापति वैंकया नायडू को पत्र सौपा हैं जिसमें शरद यादव के पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें सदन में पार्टी नेता पद से हटाने और उनकी जगह आरसीपी सिंह को नेता बनाने का अनुरोध किया गया है।

बीजेपी के बङी जहाज में जगह बनाने चली, जदयू ने शरद यादव को अपनी नईया से उतार फेंका

असल में पार्टी में ये घमासान तब शुरू हुआ जब जदयू ने राजद से दोस्ती तोङ बीजेपी से हाथ मिला लिया, लेकिन जदयू के वरिष्ठ नेता शरद को ये नया संबन्ध बिलकुल ही रास नहीं आया और वो पार्टी सुप्रीमो नीतीश कुमार के खिलाफ विरोध का झण्डा थाम लिए । पार्टी के रूख से नाराज शदर यादव लगातार नीतीश के खिलाफ माहौल बनाए हुए थे और बीते दिनों (11अगस्त से 12 अगस्त)में पटना,मुजफ्फपुर,समस्तीपुर समेत बिहार के सात जिलों में अपने तीन दिवसीय संवाद यात्रा के जरिए नीतिश के खिलाफ जनता के बीच बिगुल बजा रहे थे।

उन्होने ये स्पष्ट कर दिया था कि इस संवाद यात्रा के जरिए वो जनता के बीच जाकर लोगों से बीजेपी जदयू के नए गठबंधन की टोह लेंगे … यहां तक कि इस संबन्ध में पार्टी के पूर्व महासचिव अरूण श्रीवास्व का ये बयान तक आ चुका था कि बिहार की जनता के जनमत समर्थन से वो इस नए (बीजेपी जदयू) समीकरण की पोल खोलेंगे और नीतीश को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएंगें। ऐसे में पार्टी के खिलाफ इन सभी गतिविधियों को देखते हुए जदयू ने शरद यादव के पर कतरना ही बेहतर समझा ।

अमित शाह के लॉलीपॉप देख, नीतीश ने अबकी शरद यादव से कर दी बेवफाई

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी के थिंक टैंक के इशारे पर केन्द्र में सत्तारूढ़ राजग राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने के लिए नीतीश को आमंत्रित किया है जिसकी जानकारी उन्होनें शनिवार को ट्वीट जरिए दी है। माना जा रहा है कि 19 अगस्त के अपने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बैठक में जदयू इस निमन्त्रण को स्वीकार करने वाली है और उसके कुछ नेताओं को मोदी सरकार में जगह भी मिल सकती है। ऐसे में ये साफ है केन्द्र की सत्ता की राह बनाने के लिए जदयू ने शरद यादव से किनारा बनाना शुरू कर दिया है …या यूँ कह ले कि नई बहार के लिए जदयू अपने पुराने माली को बाग से बेदखल कर रही है क्योंकि शरद य़ादव पार्टी के उन वरिष्ठ नेताओ में से एक हैं जिसने जदयू को राष्ट्रीय पटल तक पहुंचाया है।

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