अध्यात्म

इस बार अक्षय तृतीया है विशेष, 100 साल नहीं आएगी ऐसी शुभ घड़ी, जानिए स्वयंसिद्ध मुहूर्त का समय

अक्षय तृतीया साल के चार सबसे शुभ मुहूर्तों में से एक है। यानी इस दिन बिना मुहूर्त के कोई भी मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकते हैं। जैसे विवाह, गृह प्रवेश या मुंडन आदि। हिंदू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया का त्योहार इस साल मंगलवार, 3 मई को मनाया जाएगा। इस दिन ग्रहों का अद्भुत संयोग भी बन रहा है जिससे अक्षय तृतीया का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। इस दौरान सोना-चांदी या नई चीजों की खरीदारी करना बहुत ही शुभ होगा।

100 साल तक नहीं बनेगा ऐसा महायोग

ज्योतिषियों का कहना है कि अक्षय तृतीया के दिन पंच महायोग का निर्माण हो रहा है। दरअसल 3 मई को सूर्य मेष राशि, चंद्रमा कर्क राशि, शुक्र और गुरु मीन राशि और शनि स्वराशि कुंभ में रहेंगे।

अक्षय तृतीया पर ग्रहों की स्थिति के अलावा केदार, शुभ कर्तरी, उभयचरी, विमल और सुमुख नाम के पांच राजयोग भी बन रहे हैं। शोभन और मातंग योग भी इस दिन को खास बना रहे हैं। ज्योतिषविदों की मानें तो ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग अगले 100 साल तक नहीं बनेगा।

इस दिन मंगलकारी रोहिणी नक्षत्र, शोभन योग और रवियोग की त्रिवेणी में पर्व मनाया जाएगा, जो सर्व कार्यो में सिद्धि देने वाला, अक्षय गुना शुभ फल देने वाला रहेगा। इस दिन प्रारंभ किए गए शुभ कार्यो का फल अक्षय रहेगा, अर्थात उनका कभी क्षरण नहीं होगा।

इस बार तृतीया तिथि की वृद्धि

इस बार तृतीया तिथि की वृद्धि भी हो रही है जो शुभकारी माना जाता है।वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 3 मई मंगलवार सूर्योदय पूर्व प्रात: 5.19 से प्रारंभ होकर 4 मई बुधवार को प्रात: 7.35 बजे तक रहेगी। इस प्रकार तृतीया तिथि 3 और 4 मई दोनों दिन के सूर्योदय को स्पर्श करने के कारण तिथि वृद्धि हो रही है।

3 मई को रोहिणी नक्षत्र दिवस रहते हुए रात्रि 3.18 बजे तक रहेगा। इसी प्रकार शोभन योग सायं 4.13 बजे तक रहेगा। चूंकि 3 मई को तृतीया तिथि दिवस रहेगी इसलिए अक्षय तृतीया 3 मई को ही मनाई जाएगी। इसी दिन रवियोग भी दिवस रहते हुए रात्रि 3.19 बजे तक रहेगा। इन संयोगों में शुभ कार्य करने का अनंत गुना फल प्राप्त होगा।

दुर्लभ संयोगों का प्रभाव बेहद शुभ

ज्योतिषियों का कहना है कि इन दुर्लभ संयोगों का प्रभाव बहुत ही शुभ रहने वाला है। इस दिन सोने-चांदी की चीजें घर खरीदकर लाने से सुख-समृद्धि बढ़ेगी। यदि आप महंगी चीजें या आभूषण खरीदने में सक्षम नहीं हैं तो धातु से बनी कोई चीज भी घर लेकर आ सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई खरादीरी के लंबे समय तक शुभ परिणाम मिलते हैं।

नई शुरुआत के लिए शुभ

तृतीया को जया तिथि भी कहा जाता है। इस बार अक्षय तृतीया मंगलवार को पड़ रही है और भूमि पुत्र मंगल ग्रह को संपत्ति का स्वामी कहा जाता है। इसलिए ज्योतिष के जानकार भूमि या भवन से जुड़े मामले मंगलवार को निपटाने की सलाह देते हैं। सोना, चांदी और प्रॉपर्टी के अलावा आप कपड़े, बर्तन या फर्नीचर भी खरीद सकते हैं। नया व्यापार शुरू करने के लिए भी यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

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