7 अगस्त ना करें ये काम, इस बार पूर्णिमा और चंद्रग्रहण का है योग

रक्षाबंधन के दिन यानी 7 अगस्त को 12 साल के बाद पूर्णिमा और चंद्रग्रहण का योग बन रहा है. सावन का आखरी सोमवार भी रक्षाबंधन के दिन ही पड़ रहा है. चंद्रग्रहण की वजह से पूरा दिन सूतक का प्रभाव रहेगा. ज्योतिषों ने बताया है की जब धरती की छाया चांद पर पड़ती है, तब चंद्रग्रहण लगता है. चंद्रग्रहण के दौरान, सूरज की रौशनी कटी-कटी सी प्रतीत होती है, जिसके कारण चांद की छवि धुंधली दिखाई देती है. इसकी वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

चंद्रग्रहण के दौरान ध्यान रखें इन बातों का :

  • शास्त्रों की मानें तो शाम के समय सिर्फ वही व्यक्ति सो सकता है जो बीमार है, बुजुर्ग है और महिलाएं जो गर्भवती हैं. बाकी लोगों के लिए सूर्य अस्त होने के बाद सोना शुभ नहीं माना जाता है.
  • यह भी कहा जाता है की शाम के वक़्त सभी देवी-देवता पृथ्वी पर घूमने के लिए उतरते हैं. इस बीच अगर कोई सो रहा होता है तो वह उनका आशीर्वाद लेने से वंचित रह जाता है.
  • मान्यता यह भी है की ग्रहण के दौरान घरों में पूजा करने पर देवताओं का आशीर्वाद मिलता है.

क्या काम करने पर मिलेगी तरक्की :

  • ग्रहण के दौरान मंदिरों का दरवाज़ा बंद रखा जाता है. दरवाज़ा बंद रहने पर मंत्रों का जाप करें.
  • शारीर के किसी भी स्थान पर ग्रहण के दौरान तेल ना लगायें.
  • पति-पत्नी ब्रह्मचर्य का पालन करें.
  • किसी भी खान-पान की वस्तु को ग्रहण के बाद ही खाएं.
  • खाने की चीज़ों पर खाने से पहले तुलसी के पत्ते रखकर गंगाजल से छिड़काव करें, उसके बाद ही सेवन करें.
  • ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचें.

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