अध्यात्मस्वास्थ्य

चैत्र नवरात्रि: प्रेग्नेंट महिलाओं को 9 दिनों तक व्रत रखना चाहिए या नहीं? जाने ये कितना सेफ है

माता रानी के भक्तों को हर साल चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) और शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल को आ रही है। ऐसे में भक्त पूरे नौ दिनों तक माता रानी की भक्ति में लीन रहेंगे। उन्हें अलग-अलग तरीके से खुश करने की कोशिश करेंगे। इस दौरान कई लोग नौ दिनों तक व्रत रखकर भी माता रानी को प्रसन्न करते हैं। लेकिन यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो क्या आपको व्रत रखना चाहिए? चलिए जानते हैं।

प्रेग्नेंट महिलाएं नवरात्रि व्रत रख सकती है या नहीं?

नवरात्रि के दिनों में व्रत रखने से पहले कुछ खास बातों का पता होना बेहद जरूरी है। इससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी आर्या के अनुसार गर्भवती महिलाओं को जहां तक हो सके किसी भी प्रकार के व्रत से दूर रहना चाहिए। व्रत के चलते शरीर को पूर्ण पोषण नहीं मिलता है। इससे कमजोरी आ जाती है। नतिजन बच्चे की ग्रोथ पर इसका नेगेटिव असर पड़ता है।

यदि आप 3 महीने से कम की गर्भवती हैं तो इस स्थिति में व्रत का ख्याल ही दिमाग से निकाल देना चाहिए। दरअसल प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में महिलाओं को मितली, उल्टी जैसी दिक्कतें आती हैं। इससे बॉडी में पानी की कमी भी हो जाती है। इस स्थिति में आप व्रत रख लेंगे तो शरीर पर और भी तनाव पड़ेगा। इससे आपको मुसीबतें और भी बढ़ जाएंगी।

यदि आप 3 माह से अधिक की गर्भवती हैं तो पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने की बजाय पहले और अंतिम दिन व्रत रख सकती हैं। यदि व्रत नहीं भी रखें तो सिर्फ पूर्ण श्रद्धापूर्वक भावना से 8 दिनों तक माता रानी कि पूजा करें। वे भी समझती हैं कि आप व्रत क्यों नहीं रख सकती हैं। व्रत रखने के दौरान भी थोड़ी थोड़ी देर में कुछ न कुछ पौष्टिक चीजें खाते रहें।

गर्भवती महिलाएं व्रत रखें तो ध्यान रखें ये बातें

प्रेग्नेंट महिलाएं किसी भी प्रकार का व्रत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वह आपके केस को देखते हुए बता पाएगा कि आपके लिए व्रत रखना सेफ है या नहीं। व्रत में लिक्विड डाइट जैसे पानी, नारियल पानी और जूस आदि अधिक लें। तला भुना खाने की बजाय पौष्टिक चीजें जैसे फल, ड्राई फ्रूट्स इत्यादि खाएं।

व्रत के दौरान किसी भी भारी सामान को उठाने से बचे। अधिक काम कर अपनी एनर्जी वेस्ट न करें। निर्जला व्रत तो भूलकर भी न रखें। ये आपकी समस्याएं दुगुनी कर देगा। प्रत्येक दो घंटे पर कुछ न कुछ खाती पीती रहें। व्रत के दौरान बच्चे के मूवमेंट पर विशेष नजर रखें। यदि कोई भी दिक्कत महसूस हो ती तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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