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हिजाब विवाद: हाईकोर्ट के फैसले से भड़क उठे मुस्लिम नेता, ओवैसी ने तो यह कदम उठाने को बोल दिया

कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी छात्राओं की अर्जियों को खारिज कर दिया है। वहीं फैसले के बाद पूरे देश में राजनीति बहुत तेज हो गई है।

खासकर मुस्लिम नेताओं को हाईकोर्ट का फैसला बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा है। महबूबा मुफ्ती हों, या उमर अब्दुल्ला किसी को भी कोर्ट का फैसला सही नहीं लग रहा है। वहीं हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी फैसला के खिलाफ असहमति जता दी है। उन्होंने तो यह कदम उठाने को बोल दिया है।

जानें क्या है हाईकोर्ट का फैसला

सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि आखिर हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 9 फरवरी को इस मामले की सुनवाई शुरू की थी और 26 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया और साफ कर दिया कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं है।

कोर्ट ने कहा है कि स्कूलों में जो भी यूनिफॉर्म हैं, उनको अधिकार है कि वो इनको लागू करें। कोर्ट ने कहा कि कोई भी छात्र स्कूल के यूनिफॉर्म को पहनने से इनकार नहीं कर सकता है। कोर्ट के इस फैसले से स्पष्ट है कि अब जो छात्राएं हिजाब पहनकर स्कूल-कॉलेज में दाखिले की मांग कर रही थीं, उनको बिना हिजाब के ही स्कूल में जाना होगा।

जानें क्या बोले मुस्लिम नेता

हाईकोर्ट के फैसले पर महबूबा मुफ्ती ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोर्ट का ये फैसला निराशाजनक है। उनका कहना है कि एक ओर तो आप महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। वहीं दूसरी ओर उनको एक सामान्य विकल्प के अधिकार से भी वंचित कर रहे हैं। महबूबा बोलीं कि ये बस धर्म की बात नहीं है, बल्कि चुनने की स्वतंत्रता के बारे में है।


वहीं उमर अब्दुल्ला ने भी फैसले पर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा है कि मैं कोर्ट के फैसले से बेहद हैरान हूं। उमर बोले कि महिला कैसे कपड़े पहनती है, ये उसका अधिकार है। ये कोई कपड़ों की बात नहीं है। उमर बोले कि कोर्ट ने महिला के इस अधिकार का ध्यान ही नहीं रखा। ये बस एक मजाक है।

ओवैसी ने तो कर दी यह अपील

वहीं सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी इस फैसले से भड़क गए हैं। उन्होंने तो फैसले से असहमति जता दी है। वो बोले कि हाईकोर्ट के फैसले से वो सहमत नहीं है। असहमति को अपना अधिकार बताते हुए सांसद ने कहा कि उनको उम्मीद है कि फैसले का विरोध सुप्रीम कोर्ट में होगा। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य संगठनों को सुप्रीम कोर्ट में विरोध करने की अपील की।


वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। रविंशकर प्रसाद ने फैसले की सराहना की है। आपको बता दें कि इस फैसले को अब चुनौती देने की तैयारी हो रही है। छात्राएं अब इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने जा रही हैं। उन्होंने वकीलों से संपर्क कर लिया है और अब कानून तैयारी कर रही हैं।

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