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चारा घोटाला के 5वें मामले में लालू यादव को 5 साल कैद, 60 लाख जुर्माना: सजा के बाद तबियत बिगड़ी

लालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाले के पांचवें मामलें भी सजा सुनाई गई है। इस केस में पांच साल की सजा सुनाई गई है। स्पेशल कोर्ट के जज एसके शशि ने यह फैसला सुनाया। उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। लालू के वकील ने बताया कि आगे बेल के लिए अर्जी दी जाएगी। लेकिन बेल नहीं मिलने तक लालू को जेल में ही रहना पड़ेगा।

आपको बता दें कि लालू यादव को चारा घोटाले से जुड़े 6 मामलों में आरोपी बनाया गया था, जिसमें पहले ही चार मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है और सजा भी हो चुकी है। अब पांचवे मामलें में भी उनको सजा हो गई है। इनमें फिलहाल लालू बेल पर चल रहे हैं। थी।

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 15 फरवरी को लालू यादव समेत अन्य आरोपियों को 139.5 करोड़ रुपये के डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाले में दोषी पाया था। कोर्ट ने तब सजा का ऐलान नहीं किया था. आज कोर्ट की कार्यवाही ऑनलाइन हुई, लालू ऑनलाइन ही इसमें शामिल हुए।

सजा सुनने के बाद तबियत बिगड़ी

इधर, सजा के ऐलान से लालू यादव की तबीयत और बिगड़ गई। उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ गया है। सुबह लालू यादव का ब्लड शुगर 160 पहुंच गया जो सामान्य स्थिति में खाली पेट में 110 होना चाहिए। दूसरी ओर उनका ब्लड प्रेशर 150/ 70 पहुंच गया है।

डॉक्टर ने बताया की सजा की सुनवाई होने से पहले लालू यादव रात से ही काफी तनाव में थे। इस कारण उनका बीपी और ब्लड शुगर अनियंत्रित हुआ। इलाज कर रहे डॉक्टर विद्यापति ने बताया कि सुबह लालू से जब मुलाकात हुई तो वह काफी तनाव में दिखे और तबीयत के बारे में पूछा गया तो काफी मायूस होकर उन्होंने जवाब दिया।

लालू सुबह से ही कमरे से बाहर नहीं निकले

लालू आज सुबह टहलने के लिए अपने रूम से बाहर भी नहीं निकले। एक दिन पहले लालू यादव के ब्लड शुगर का लेवल सुबह खाली पेट में 140/80 के आस पास था।

जबकि इंसुलिन की डोज बढ़ाए जाने के बाद भी सोमवार को उनका ब्लड शुगर बढ़ गया। डॉक्टर ने बताया कि पहले से ही वह किडनी के क्रॉनिकल डिजीज से ग्रसित है और ब्लड शुगर और बीपी की समस्या पहले से उन्हें हैं और इस तनाव के बाद सभी चीजें अनियंत्रित हो गई है, हालांकि डॉक्टर ने दवा दी है।

किस केस में लालू को हुई कितनी सजा?

राष्ट्रीय जनता दल  सुप्रीमो लालू यादव को चारा घोटाले से जुड़े अन्य चार मामलों (दुमका, देवघर और चाईबासा) में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। इसमें उनको कुल 14 साल की सजा हुई है। वहीं जुर्माने के तौर पर उनको अबतक 60 लाख रुपये देने पड़े हैं।चाईबासा से जो पहला मामला (37 करोड़ की अवैध निकासी) था उसमें लालू को पांच साल की सजा हुई थी।

देवघर कोषागार से (79 लाख की निकासी) में लालू को 3.5 साल की की सजा हुई थी। फिर चाईबासा के दूसरे मामले (33.13 लाख की अवैध निकासी) में उन्हें पांच साल की सजा हुई थी। फिर दुमका कोषागार (3.13 करोड़ की निकासी) के मामले में सात साल की सजा लालू को सुनाई गई थी।

करीब 950 करोड़ का है पूरा घोटाला

पूरे चारा घाटाले में लगभग 950 करोड़ रुपए का गबन किया गया था। 90 के दशक में यह बहुत बड़ी रकम थी। डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले जिसमें आज सजा का ऐलान हुआ है, उसमें पशुओं को फर्जी रूप से स्कूटर पर ढोने की कहानी है। यह उस वक्त का देश का पहला मामला माना गया जब बाइक और स्कूटर पर पशुओं को ढोया गया हो।

यह पूरा मामला 1990-92 के बीच का है। CBI ने जांच में पाया कि अफसरों और नेताओं ने मिलकर फर्जीवाड़े का अनोखा फॉमूर्ला तैयार किया। 400 सांड़ को हरियाणा और दिल्ली से कथित तौर पर स्कूटर और मोटरसाइकिल पर रांची तक ढोया गया, ताकि बिहार में अच्छी नस्ल की गाय और भैंसें पैदा की जा सकें।

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