राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नौकर की साइकल हो गई चोरी! दरोगा ने रिपोर्ट लिखने किया इंकार – देखें वीडियों

नई दिल्ली – काफी उठापटक के बाद आखिरकार देश को भारत के प्रथम नागरिक के रूप में 14 वां राष्ट्रपति मिल गया। विपक्षियों के प्रबल विरोध के बावजूद एनडीए के प्रत्याशी राम नाथ कोविन्द अप्रत्याशित मतों से जीत दर्ज की और वो देश के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। देश के 14 वें राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद का शपथ ग्रहण समारोह 25 जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में होगा। इसी बीच खबर है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के घरेलु नौकर की साइकिल चोरी हो गयी है। देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के नौकर की साइकिल चोरी होने की खबर वाकई में हैरान करने वाली थी और प्रशासन के लिए नाक का सवाल थी, लेकिन मामला उस वक्त उलझ गया जब साइकिल चोरी की रिपोर्ट लिखाने की बात आई। President servant cycle theft report.

रिपोर्ट लिखने से दरोगा ने किया इंकार :

दरअसल, खबरों के मुताबिक, साइकल चोरी के बाद कोविन्द के नौकर और कुछ अन्य लोग जब चोरी की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुँचे तो वहां दरोगा ने रिपोर्ट लिखने से ही मना कर दिया।  जिसके बाद थानाध्यक्ष राष्ट्रपति कोविंद के नौकर के घर पहुंचे और उनसे बोला कि, “आपकी साइकिल चोरी हो गयी है। लेकिन हम आप से विनती करते हैं कि आप हमसे एक नई साइकिल ले लिजिए। लेकिन चोरी की रिपोर्ट मत दर्ज लिखवाईये।”

इस वजह से दरोगा ने रिपोर्ट लिखने से किया मना :

दरोगा ने रिपोर्ट लिखने से क्यों मना किया इसकी वजह बाद में सामने आई। दरअसल, पुलिसवालों को डर था कि, अगर चोरी के ये मामला क्योंकि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से जुड़ा हुआ है इसलिए शायद यह ज्यादा तूल पकड़ ले। इसलिए पुलिसवालों ने इस मामलों को दबाने के लिए नौकर को नई साइकिल खरीब कर देने को कहा। अगर ये मामला सामने आता है तो प्रशासन की काफी किरकिरी हो सकती है। इसी डर से पुलिसवालें खुद ही साइकिल खरीदकर देने की बात कर रहे हैं।

 रामनाथ कोविंद की जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें :

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। बिहार के राज्यपाल से एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार बने कोविंद की जिंदगी के सफर की बात करें तो रामनाथ कोविंद का जन्म एक अक्टूबर 1945 को उप्र के परौंख गांव हुआ था। कोविंद अनुसूचित जाति के अंतर्गत आते हैं। जून 1975 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनने पर वे वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे और जनता पार्टी की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के जूनियर काउंसलर के पद पर कार्य किया। कोविंद साल 1991 में भाजपा में शामिल हुए थे। वो भाजपा प्रवक्ता भी रहे हैं।

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