मिलिए बोईंग 777 विमान उड़ाने वाली दुनिया की सबसे युवा कमांडर एनी दिव्या से!

नई दिल्ली: सही कहा जाता है कि अगर आपके इरादे मजबूत हों तो आप दुनिया की किसी भी मुसीबत का सामना कर सकते हैं। अगर आपके अन्दर हार ना मानने वाला जज़्बा हो तो आप किसी भी मुसीबत का सामना बड़ी आसानी से कर सकते हैं। कुछ लोग होते हैं जो जरा सी मुसीबत से घबरा जाते हैं और हार मान लेते हैं, जबकि कुछ लोग मुसीबतों का सामना करते हुए जीत हासिल करते हैं और एक इतिहास रचते हैं।

घर से बाहर निकलने की नहीं है इजाजत:

हमारे समाज में हमेशा से ही महिलाओं को कम समझा जाता रहा है। महिलाएँ समय-समय पर खुद को साबित भी करती रही हैं। इसके बावजूद जो महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए वो नहीं मिल पा रहा है। अगर शहरों की बात छोड़ दें तो आज भी ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को पुरुष अपने पैर की जुती ही समझते हैं। आज भी उन्हें घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।

कम उम्र में रच दिया इतिहास:

मिलिए बोईंग 777 विमान उड़ाने वाली दुनिया की सबसे युवा कमांडर एनी दिव्या से!

पूरी दुनिया की महिलाओं से यह साबित किया है कि वह किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं है। आजकल महिलाएँ वो काम भी कर रही हैं, जिसे करने से पुरुष घबराते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही भारतीय महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने कम उम्र में ही इतिहास रच दिया है। यह महिला कोई और नहीं बल्कि भारत की सबसे कम उम्र की युवा पायलट एनी दिव्या हैं। एनी दिव्या की उम्र 30 साल है और उन्हें बड़े-बड़े हवाई जहाज उड़ाने का शौक है।

दिव्या बचपन से बनना चाहती थी पायलट:

अब दिव्या का यह शौक उनका प्रोफेशन बन चुका है। दिव्या ने हाल ही में एक उपलब्धि भी हासिल की है। एनी दिव्या बोईंग 777 उड़ाने वाली दुनिया की सबसे युवा पायलट बन गयी हैं। दिव्या का जन्म पठानकोट में हुआ था, उनके पिता आर्मी में थे। जन्म के बाद उनका परिवार विजयवाड़ा चला गया। दिव्या बचपन से ही पायलट बनाना चाहती थी, इसलिए 17 साल की उम्र में उन्होंने उत्तर प्रदेश के इंद्रा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में दाखिला लिया।

पढाई ख़त्म करते ही मिल गयी एयर इंडिया में नौकरी:

दिव्या एक छोटे शहर से थीं, अचानक बड़े शहर में जाने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनकी अंग्रेजी इतनी अच्छी नहीं थी, इस वजह से उनका हर समय मजाक भी उड़ाया जाता था। कई बार तो मुझे ऐसा लगा कि मुझे छोड़कर चले जाना चाहिए। लेकिन मैं वापस नहीं गयी। स्कॉलरशिप पाने के लिए कड़ी मेहनत की और मुझे मिल भी गयी। 19 साल की उम्र में दिव्या की ट्रेनिंग ख़त्म हो गयी और एयर इंडिया में नौकरी मिल गयी। दिव्या की ट्रेनिंग लन्दन और स्पेन में हुई जहाँ उन्होंने बोईंग 737 और बोईंग 777 उड़ाया।

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