राजनीति

सीएम योगी से पत्रकार ने पूछा क्या आपके एजेंडे में मथुरा मस्ज़िद हटाना? जानिए क्या मिला जवाब

अयोध्या, काशी के बाद मथुरा की बारी है पर सीएम योगी का क्या है कहना, जानिए...

जैसे- जैसे यूपी विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सियासी तपिश भी बढ़ती जा रही है। जी हां सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का काम चल रहा है, जिसे बीजेपी अपनी उपलब्धि के तौर पर चुनावी रैलियों में पेश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ यह माना जा रहा है कि अयोध्या के साथ-साथ अब मथुरा और काशी को लेकर भी पार्टी सियासी एजेंडा सेट करने में जुट गई है ताकि 2022 के चुनाव में विपक्ष को हिंदुत्व की पिच पर लाया जा सके।

Cm Yogi On Mathura

बता दें कि चुनाव से पहले अपने देश में हिन्दू-मुस्लिम होना कोई नई बात नहीं। जी हां हर चुनाव में कहीं न कहीं धर्म का सिक्का उछाला जाता है और कुछ वैसी ही क़वायद यूपी चुनाव से पूर्व भी देखने को मिलने लगी है। हाँ एक बात है कि भाजपा सदैव हिंदुत्व के करीब खड़ी मिलती है। वहीं अब अधिकतर राजनीतिक दल भी चुनाव करीब आते ही अपने को धर्म के खांचे में ढालने की कोशिश करते हैं।

Cm Yogi On Mathura

हम बात यूपी चुनाव और धर्म के मुद्दे की कर रहें हैं। तो बता दें कि काशी और मथुरा के मुद्दे को बीजेपी ने खुलकर धार देनी शुरू कर दी है। जिसकी एक बानगी बीते दिनों यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पेश की। बुधवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, “अयोध्या और काशी में भव्य मंदिर निर्माण जारी है औऱ मथुरा की तैयारी है।”

वहीं अब इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें उनसे एक सवाल किया जा रहा है। सवाल कुछ यूं पूछा गया कि क्या अब अयोध्या, काशी के बाद मथुरा की तैयारी है? ऐसे में सीएम योगी ने इस सवाल का बख़ूबी जवाब दिया। जी हां बता दें कि वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि सीएम योगी से पूछा जाता है कि, ”क्या मथुरा में मंदिर, जन्मभूमि का जो स्थान है, वहां से वो मस्जिद हटाना क्या आपके एजेंडा में शामिल है?”


ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “मथुरा में तो भगवान श्री कृष्ण की ही पूजा होती है। अयोध्या में भगवान श्री राम की पूजा होती है, काशी में बाबा विश्वनाथ जी की पूजा होती है। बरसाना में राधा रानी की पूजा होती है। मुझे लगता है कि ये सब राजनैतिक एजेंडा से बहुत ऊपर हैं।”

इतना ही नहीं जब इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया जाता है कि, सोशल मीडिया पर मैसेजेस वायरल हो रहे हैं कि इस बार योगी जी आएंगे तो मथुरा से वो मस्जिद हट जाएगी। तो फिर ऐसे में योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि, ” मैं मथुरा जाता हूं, हाल ही में मैं मथुरा गया था, लेकिन मैंने पहले भी कहा कि आस्था का सम्मान प्राथमिकता है। मथुरा में किसी से भी पूछेंगे कि मथुरा में किसकी पूजा होती है तो सामने वाला कहेगा कि भगवान श्री कृष्ण की पूजा होती है।”


वहीं गौरतलब हो कि इस दौरान सीएम ने ये भी बताया कि सपा और बसपा में से ‘सेकेंड’ नंबर की लड़ाई कौन लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों में से कौन दूसरे स्थान की लड़ाई लड़ रहा है ये देखने की आवश्यकता है और उसमें कोई दो राय नहीं है कि कुछ आश्चर्यजनक परिणाम आएंगे।


जैसे लोकसभा चुनाव में महाठबंधन के बावजूद समाजवादी पार्टी तीसरे नंबर पर थी और बसपा नंबर दो पर थी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले लोग बोलते थे कि महागठबंधन बड़ी सफलता प्राप्त करेगा। लेकिन जैसे जैसे कैंपेन आगे बढ़ा लोगों ने कहना शुरू कर दिया बीजेपी नंबर एक पर रहेगी और सेकेंड पर कौन रहेगा यह देखने वाली बात होगीं।

Cm Yogi On Mathura

आख़िर में बता दें कि, सीएम आदित्यनाथ से पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या का भी एक बयान सामने आया था। जिसमें वह मथुरा का जिक्र करते नज़र आए थे। केशव प्रसाद मौर्या ने कहा था कि, “अयोध्या, काशी भव्य मंदिर निर्माण जारी है और मथुरा की तैयारी है।” इतना ही नहीं केशवप्रसाद मौर्या के बयान पर योगी सरकार के मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह ने भी उनके बयान का समर्थन किया था और कहा था कि, “अयोध्या, काशी के बाद मथुरा की बारी है।” ये बात तो रही अयोध्या, काशी और मथुरा की।

जिसको लेकर सत्ताधारी दल अपनी-अपनी बात करते हैं, लेकिन जब हिंदुत्व से जुड़े मुद्दे को पूर्णतया भाजपा हाईजैक कर लेगी। फिर बाकी दल कैसे चुनाव में सामने आएंगे। यह अपने आपमें एक दिलचस्प बात होगी। ऐसे में करिए चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों के ऐलान का, उसके बाद पता चलेगा कि यूपी में इस बार किसकी हवा बह रही है।

Back to top button
?>